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अक्षय फल की प्राप्ति के लिए श्रेष्ठ है अक्षय तृतीया, करें ये उपाय

Updated: IST akshay tritiya akha teej 2017
पौराणिक ग्रंथों के अनुसार अक्षय तृतीया (आखा तीज) के दिन किए गए जप, दान आदि का अक्षय फल मिलता है

पौराणिक ग्रंथों के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन किए गए जप, दान आदि का अक्षय फल मिलता है। यह दिन किसी भी काम के लिए सर्वसिद्ध मुहूर्त का दिन भी है।

हर साल आने वाली वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृृतीया कहा जाता है। इस साल यह 28 अप्रेल को है। भविष्य पुराण के अनुसार इस दिन रेणुका के गर्भ से भगवान विष्णु ने परशुराम रूप में जन्म लिया था।

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भगवान विष्णु ने नर-नारायण और हयग्रीव के रूप में भी इसी तिथि को अवतार लिया था। इस तिथि से ही सतयुगादि युगों का प्रारंभ होने के कारण इसे 'युगादि तिथि' भी कहते हैं। बद्रीनाथ धाम के कपाट भी इसी तिथि से खुलते हैं।

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इन आध्यात्मिक महत्त्वों के कारण ही अक्षय तृतीया का दिन विवाह के लिए सर्वसिद्ध (अबूझ) मुहूर्त का दिन है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन किए गए जप, दान, हवन, स्वाध्याय आदि का अक्षय फल मिलता है, जिनको जन्म कुंडली में अनिष्ट कारक ग्रहों की दशांर्तदशा के कारण परेशानी हो, अटके हुए काम नहीं बन पाते हों, व्यापार में लगातार घाटा हो रहा हो, घर में सुख-शांति न हो, संतान कष्ट में हो, शत्रु हावी हो रहे हों ऐसे में यश, पद, लक्ष्मी प्राप्त करने और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अक्षय तृतीया से प्रारंभ किए जाने वाले उपायों से अक्षय लाभ मिलता है।

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