Patrika Hindi News

हर विघ्न दूर कर सुख, शांति और मोक्ष देती है मां कालरात्रि

Updated: IST ma kaalratri
नवरात्र के सातवें दिन पूजी जाने वाली मां कालरात्रि मां दुर्गा की सातवीं शक्ति के नाम से प्रसिद्ध है

नवरात्र के सातवें दिन पूजी जाने वाली मां कालरात्रि मां दुर्गा की सातवीं शक्ति के नाम से प्रसिद्ध है। अत्यन्त भयावह स्वरूप वाली मां कालरात्रि अपने भक्तों के कष्टों को तुरंत हरती है और उन पर सुख की वर्षा करती है। ये महाकाली की भांति अत्यन्त क्रोधातुर दिखाई देती है और अपने भक्तों की ओर आंख उठाने वाले किसी भी संकट को तुरंत समाप्त करती है।

यह भी पढें: अपनी राशि अनुसार करें गणेशजी का पूजन, तुरंत मिलेगा फल

यह भी पढें: इसलिए मरने के बाद भी श्मशान में जिंदा हो जाते हैं कुछ लोग

स्वरूप भयावह परन्तु नाम शुभंकरी

देखने में इनके शरीर का रंग गहन अंधकार की भांति एकदम काला है। सिर के बाल बिखरे हुए हैं और गले में विद्युत की तरह चमकने वाली माला है। इनके तीन नेत्र सत, रज और तमोगुण के प्रतीक हैं। इनका वाहन गर्दभ (गधा) है। इनकी स्थिति सहस्त्रार चक्र में अवस्थित है। ये सदैव शुभ फल देती है अत: इनका नाम शुभंकरी है। अत: इनके भक्त इनसे भयभीत होने के बजाय स्वयं को इन्हें समर्पित कर देते हैं।

यह भी पढें: शिव के इस मंत्र से देवता भी बन जाते हैं दास, जीवन में केवल एक बार ही करना होता है प्रयोग

यह भी पढें: एक रुपया भी खर्च नहीं होगा और घर में आने लगेगी दिन-दूनी, रात-चौगुनी लक्ष्मी

कैसे करें मां कालरात्रि की पूजा

नवरात्रा के सातवें दिन मां कालरात्रि के स्वरूप विग्रह को अपने हर्दय में अवस्थित करके भक्त को इन्हें लकड़ी की चौकी पर विराजमान करना चाहिए। यम, नियम, संयम का पालन करते हुए उन्हें मां को पुष्प अर्पण करना चाहिए। इसके बाद उन्हें दीपक, धूपबत्ती और नैवेद्य अर्पण कर निम्न मंत्रों में से किसी भी एक मंत्र का कम से कम 108 बार जप करना चाहिए।

या देवी सर्वभूतेषु मां कालरात्रि रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

ॐ कालरात्र्यै नम:।।

ॐ फट् शत्रून साधय घातय ॐ।।

मंत्र जाप के बाद मां को अपनी परेशानी बताएं और उसे दूर करने का आग्रह करें जिससे आपकी समस्या का तुरंत निवारण हो सके।

मां कालरात्रि की पूजा से तुरंत खत्म होते हैं सभी कष्ट

यदि किसी पर मूठ चलाई गई हो या कृत्या का प्रयोग किया गया हो तो मां कालरात्रि की पूजा से उसका तुरंत नाश होता है। दानव, दैत्य, राक्षस, भूत, प्रेत आदि इनके नाम स्मरण मात्र से ही दूर भाग जाते हैं। ये व्यक्ति की कुंडली में मौजूद ग्रह बाधाओं को का भी शमन करती है।

साथ ही ऎसे व्यक्ति जिन पर किसी भी तंत्र, मंत्र का प्रयोग किया गया हो उन्हें मां कालरात्रि की पूजा से तुरंत राहत मिलती है। यही नहीं, मां भक्तों की समस्याओं का तुरंत निराकरण कर उन्हें सुख और शांति प्रदान करती हैं।

यह भी पढ़े :
विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मॅट्रिमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
LIVE CRICKET SCORE

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???