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...तो इन लोगों के लिए नोटबंदी बन गया 'धंधा'

Updated: IST the graph of crime is decrees after notes ban, not
पब्लिक डीलिंग वाले विभागों में जमकर चल रही कमिशनखोरी

गाजियाबाद। नोटबंदी ने भले ही देश के लोगों के लिए मुश्किल खड़ी कर दी हो। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस योजना ने कई लोगों के धंधे चमका दिए हैं। नोटबंद होने से कॉलेज, स्कूल, बैंक, पेट़्रोल पंप और बिजली विभाग के धंधे की चमक और भी बढ़ गई है। दरअसल यहां पर काम कर रहे कर्मचारी हों या बड़े स्तर के अफसर सभी अपने स्तर पर कमिशन लेकर हजार—पांच सौ रुपये के पुराने नोट को बदल रहे हैं। केन्द्र के अधिकारियों की मानें तो बहुत जल्द ही इन सबको ट्रेस करके नकेल कसने की तैयारी की जा रही है।

बैंक: लाइन में ही खड़े मिल रहे दलाल

नोटबंदी में कमिशनखोरी का सबसे बड़ा खेल बैंकों से खेला जा रहा है। यहां पर लाइन से इसकी शुरुआत होती है, अंदर कैशियर से लेकर मैनेजर तक कनेक्शन के तार जुड़े हुए हैं। अगर कोई हल्का कारोबारी या शख्स है जिसे अपने नोट बदलने हैं तो लाइन में लगा दलाल उसे पकड़ कर पन्दह प्रतिशत का रेट तय करके बाहर से बाहर ही काम कर देता है। अगर बाजार की मछली बड़ी तो सीधा मैनेजर से 30 प्रतिशत तक डील हो रही है। गाजियाबाद में अब तक चार से पांच ऐसे मामले आ चुके हैं। जिनमें मैनेजर और बैंककर्मियों की संलिप्ता पाई गई है। सभी के खिलाफ विभागीय और कानूनी प्रकिया के तहत एक्शन लिया जा रहा है।

पेट्रोल पंपः तेल भरने वाले कर रहे सीधे सेटिंग

काला धन या नोट खपाने की दूसरी सबसे बड़ी जगह पेट्रोल पंप के रूप में सामने आई है। यहां पर तेल भरने वाले सीधे सेटिंग कर रहे हैं। जिन पेट्रोल पंपों से ट्रक और बसों में तेल भरा जाता है, वो सीधा अपने मिलने वालों से रुपये लेकर बड़ी पेमेंट से एक्सचेंज कर देते हैं। इसके अलावा कुछ पेट्रोल पंप संचालक सीधे 25 और 35 के फीसदी के कमिशन में एक दिन में पांच लाख रुपये तक की नकदी बदल रहे हैं।

स्कूल, कॉलेजः डोनेशन के खेल से साफ हो रहा कालाधन

स्कूल कॉलेजों के लिए भी नोटबंदी चांदी और सोने के दिनों की तरह सामने आई है। यहां पर सीए की भूमिका महत्वपूर्ण बन गई है। नाम न लिखने की शर्त पर एक सीए का कहना है कि कॉलेज, स्कूल मालिकों के साथ में पहले से सेटिंग है। कालेधन को पहले डोनेशन के तौर पर लिया जाता है। इसके कुछ समय बाद में रकम में से एक फिक्सड रकम को काट कर उसे वापिस कर दिया जाता है।

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