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यूपी चुनाव: माननीय बनने को बेकरार 'नेता' बढ़ा टिकट का टेंशन

Updated: IST politics
सभी दलों के नेता टिकट पक्का होने का कर रहे दावा

गाजीपुर. 2017 चुनाव का विगुल अभी बजा नहीं। लेकिन प्रदेश में तमाम पार्टिया अपनी जीत सुनिश्चित कराने के लिए तमाम विधान सीटों पर अपने अपने सुयोग्य और मजबूत वोट बैंक वाले प्रत्याशियों तलाश में जुटी हुई है। लेकिन विधानसभा चुनाव में अपनी जीत का दावा करने वाले तमाम योद्धा टिकट पाने की टेंशन में और कुछ पार्टियों द्वारा प्रत्याशियों को टिकट दे दिया गया है लेकिन उनको अपने टिकट कटने का टेंशन है। जी हा हम बात कर रहे है सात विधानसभा सीटों वाली गाजीपुर जिले की। जहां गाजीपुर जिले के सात विधानसभा सीटों पर बसपा ने अपने सात प्रत्याशियों को अधिकारिक रूप से घोषणा कर मैदान उतार दिया है। बसपा ने सदर विधानसभा से संतोष यादव, जमानिया विधानसभा से अतुल राय को, जखनिया विधानसभा सीट से संजीव कुमार को, जंगीपुर विधानसभा से ओमप्रकाश गुप्ता, जहूराबाद विधानसभा से कालीचरण राजभर को, मोहम्मदाबाद विधानसभा से विनोद राय और सैदपुर विधानसभा से राजीव किरण को फिलहाल मैदान में उतार रखा है।

वहीं समाजवादी पार्टी के वर्तमान विधायक व राज्यमंत्री विजय मिश्र सदर विधानसभा की कमान संभाले हुए है। तो जमानिया विधानसभा से छह बार सपा से विधायक रहे प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री व प्रदेश महा सचिव ओम प्रकाश सिंह कमान संभाले हुए है। तो जखनिया विधानसभा से एमएलए सुब्बा राम कमान संभाले हुए है। तो परिसिमन के बाद पहली बार विधानसभा बना जंगीपुर से पहलीबार जीत कर विधायक बने कैलाश यादव वर्तमान सपा सरकार में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रहे लेकिन उनके निधन के बाद हुए उप चुनाव में उनकी पत्नी किसमतिया देवी ने भाजपा प्रत्याशी को हराकर पुनः सीट पर कब्जा कर विधायक है। वहीं जहूराबाद विधानसभा से गाजीपुर सदर सीट से पिछली बार विधायक रही शादाब फातिमा ने इस विधानसभा से किसमत आजमाई और जहूराबाद विधानसभा सीट बहुजन समाजपार्टी के प्रत्याशी को हराकर विधायक बनीं और अब वर्तमान सपा सरकार में राज्यमंत्री भी है। वही मोहम्मदाबाद विधानसभा पूर्वांचल की नामी विधानसभा है इस विधानसभा पर अंसारी बंधुओं का कब्जा है।

यहां से एक बार कृष्णानंद राय भाजपा से विधायक हुए थे आरोप है कि जिनकी राजनीतिक प्रतिद्वन्दिता में हत्या कर दी गई थी। फिर उप चुनाव में उनकी पत्नी अल्का राय भाजपा से विधायक बनी थी। लेकिन आज कौमी एकतादल के बैनर तले बाहुबली मोख्तार अंसारी के सबसे बड़े भाई शिबगतुल्ला अंसारी यहां से विधायक है। गौरतलब हो कि इसी विधानसभा से गाजीपुर के पूर्व सांसद अफजाल अंसारी कई बार विधायक भी रह चुके है। वहीं सैदपुर विधानसभा शुरू से सुरक्षित विधानसभा सीट है यहां से वर्तमान सपा विधायक सुभाष पासी ने बसपा प्रत्याशी को हराकर जीत हासिल की हुई है। फिलहाल सुभाष पासी समाजवादी पार्टी के कद्दावर दलित नेता माने जाते है और ये एससीएसटी आयोग उत्तर प्रदेश के ये अध्यक्ष भी है।

वहीं भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में 2017 विधानसभा सीटो को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। चुकी जनपद में तीन केंद्रीय मंत्रियों का गृह जनपद है इस लिए यहां भाजपा कई खेमों में बटी दिखाई दे रही है। पूर्व भाजपा विधायकों, पूर्व विधानपरिषद सदस्यों, पूर्व जिलाध्यक्षों एंव वतर्मान मजबूद कार्यकर्ताओं की आपसी प्रतिद्वन्दिता मंत्रियों के कार्यक्रम के दौरान पोस्टर वार से दिखाई पड़ जाता है। कोई केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र के खेमे का तो कोई केंद्रीय राज्यमंत्री महेन्द्र नाथ पाण्डेय के खेमें का तो कोई केंद्रीय राज्यमंत्री डबल प्रभार वाले मनोज सिन्हा का खासम खास बताता है। वहीं जनसंघियों का एक खेमा भी वर्तमान राजनीतिक हलचलों में सक्रिय है। इस लिए गाजीपुर की सातों विधानसभा पर प्रत्याशियों की एक लंबी फेहरिस्त देखी जा सकती है। चुंकि भारतीय जनता पार्टी ने किसी भी विधानसभा क्षेत्र में अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। इस लिए एक एक विधानसभा पर दर्जनों कार्यकर्ता टिकट पाने की टेंशन में है। सदर विधानसभा से वर्तमान नगरपालिका चेयर मैन विनोद अग्रवाल के नाम के साथ, पूर्व विधायक उदय प्रताप सिंह, डॉ.मुकेश सिंह, अखिलेश सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष कृष्णविहारी राय, संगीता बलवंत आदि कई नाम टिकट पाने की टेंशन में है। वहीं जंगीपुर से उप चुनाव लड़ चुके रमेश सिंह पप्पु के साथ रामनरेश कुशवाहा, रामतेज पाण्डेय पूर्व जिलाध्यक्ष, दर्जनों लोग टिकट का टेंशन पाले हुए है। वहीं जहूराबाद में रामप्रताप सिंह, के साथ साथ नरेन्द्र सिंह, आदि लोग टिकट पाने की टेंशन में है। वहीं जखनिया सुरक्षित विधानसभा से रामहित राम के साथ कई कार्यकर्ता खेमे बंदी कर टिकट की टेंशन पाले हुए है।

वहीं जमानिया विधानसभा से पूर्व मंत्री शारदा चौहान, पूर्व विधायक सिंहासन सिंह,बसपा के पूर्व विधायक पशुपति नाथ राय के साथ दर्जनों लोग इस क्षेत्र से भी टिकट का टेंशन पाले हुए है। वहीं मोहम्मदाबाद से पूर्व प्रत्याशी विजयशंकर राय, मीरा राय, और भजपा विधायक स्व.कृष्णानंद राय के भतीजे आंनदराय मुन्ना के साथ दर्जनों लोग टिकटार्थी के रूप में अपने अपने नेतओं को पीछे टिकट के टेंशन में घुम रहे है। वहीं सैदपुर विधानसभा सीट से कभी महेन्द्र पाण्डेय सैदपुर सीट से विधायक रहे लेकिन सामान्य से सुरक्षित हो जाने के बाद इस सीट पर दलित वर्ग के दर्जनों लोग अपने अपने नेताओं को पीछे घुम रहे है।

समय के साथ कांग्रेस से जनता का मोह तो भंग हो गया लेकिन एन चुनाव के टाईम कांग्रेसियों ने भी टिकट के टेंशन में प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दे रही है। राहुल गांधी की खाट सभा से उत्साहित कांग्रेसियों में सदर से पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दूबे, पंकज दूबे, मार्कण्डेय सिंह, पूर्व प्रत्याशी रहे राघवेन्द्र पाठक के साथ दर्जनों लोगों ने कांग्रेस से चुनाव लड़ने के लिए टिकट की टेंशन में है। वहीं जंगीपुर विधानसभा से जिला कांग्रेस अध्यक्ष शैलेश सिंह, राजीव सिंह, मारकण्डेय सिंह तो जहूराबाद विधानसभा से कांग्रेस के पूर्वमंत्री सुरेंद्र सिंह, रविकांत राय, जनार्दन राय, जमानिया विधानसभा से इरफान बसर, अमदजमाल जैदी, फड़िन्दर राय जखनिया विधानसभा से जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस वैरूनिका नाथ, सुनिल , मोहम्मदाबाद विधानसभा से पूर्व विधायक अवधेश राय शास्त्री, अरविन्द किशोर राय, और सैदपुर विधान सभा से कन्हैया राम, राघवेन्द्र राम टिकट पाने की टेंशन में है।

वहीं कुछ पार्टी से निकाले गए नेता और बागी नेताओं द्वारा किसी न किसी पार्टी का दामन पकड़ कर अपनी नैय्या पार लगाने के लिए टिकट की टेंशन में है जैसे बसपा छोड़ चुके पूर्व विधायक अमेरिका प्रधान सैदपुर विधानसभा या जखनिया विधानसभा से बीजेपी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की तैयारी में है जो टिकट पाने की टेंशन में है। तो बसपा से सदर विधानसभा का चुनाव लड़ चुके डॉक्टर राजकुमार सिंह गौतम के निकाले जाने पर फिर वो बसपा या भाजपा का दामन थाम अपनी नैय्या पार लगाने में जुटे हुए इस लिए वो भी टिकट के टेंशन में है। तो पूर्व विधायक बसपा विजय कुमार भी टिकट पाने की टेंशन में, वहीं चर्चा है कि बीजेपी के बागी नेता अरूपण सिंह भी बसपा से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हुए है क्योंकि उनकी पत्नी शीला सिहं बसपा में है वो जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी बसपा का दामन थामकर लड़ चुकी है।

वहीं कौमी एकतादल भी इस बार की चुनावी महासंग्राम में तालठोकने से पीछे नहीं हटेगा। सपा और कौमी एकता दल के विलय को लेकर काफी हंगामा भी हो चुका है लेकिन अभी भी सपा से पैक्ट होने के आसार दिखाई दे रहे है जो जिले में काफी चर्चा है। कौमी एकता दल ने भसपा से गठबंधन कर चुनाव लड़ा था जिसमें कौमी एकता दल को सात विधानसभा सीट में से केवल एक ही सीट हाथ लगी थी वो है मोहम्मदाबाद विधान सभा जहां विधायक शिबगतुल्ला अंसारी है। पिछली बार चुनाव में सदर विधानसभा सीट से ओमकला बिन्द, जमानिया, डॉ.आसिफ, सैदपुर भोनू सोनकर, जहूराबाद ओम प्रकाश राजभर, जंगीपुर से गामा राम, जखनियां भासपा से राधीन राम, चुनाव लड़ चुके है। लेकिन इसबार सैदपुर से कौमी एकता दल से चुनाव लड़ चुके भोनू सोनकर सपा का दामन था लिया तो अब चर्चा सैदपुर चेयर मैन शशिसोनकर किया जा रहा है। लेकिन इस बार के चुनाव में अंसारी बंधु के के परिवार से नए चेहरे अन्य विधानसभा सीटों दिखने के चर्चा है।

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