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Photo Icon सपा सरकार की राह पर ही बीजेपी सरकार, योगी के मंत्री के प्रतिनिधि ने सरकारी कर्मचारी को पीटा

Updated: IST Om prakash Rajbhar
जमीन के मामले को लेकर था विवाद, थाने में दर्ज हुआ मामला

गाजीपुर. प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार अपने ही मंत्रियों विधायकों एवं समर्थकों के द्वारा कानून हाथ में लेने की शिकायतें अब आम बात हो गई है । उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के प्रतिनिधि एवं जिला अध्यक्ष भासपा रामजी राजभर एवं उनके भाई जमीन पैमाइश करने गए राजस्व कर्मियों पर जिस तरह से पैमाइश रुकवा कर मारपीट कर दबंगई दिखाई गई है उसको लेकर उत्तर प्रदेश की सरकार एक बार फिर कटघरे में खड़ा दिखाई दे रहा है।

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शनिवार की घटी घटना के आज तीसरे दिन पुलिस द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई न होने के कारण राजस्व कर्मियों में भय व्याप्त है । बरेसर थाना क्षेत्र के ग्राम सहज रामपुर परगना जहूराबाद जो चकबंदी के अंतर्गत है में मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला अधिकारी के आदेश के क्रम में शनिवार को चकबंदी कर्ता( कानूनगो ) बालचंद राम लेखपाल प्रदीप कुमार एसीओ राम मिलन यादव के साथ चक संख्या 127 के प्रस्तावित चक गाटा संख्या 91 की पैमाइश करने हेतु शनिवार को शाम 4:00 बजे टीम पहुंची। वहां पर जैसे ही पैमाइश शुरू हुई इस गाटा संख्या से सटे गाटा संख्या 89 , 90 के कास्तकार रामजी राजभर, राजनीत राजभर पैमाइश को रोकने के लिए कहा। जिस पर राजस्व कर्मियों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया।

ghazipur uproar

सत्ता की हनक ऐसी सवार है कि राजस्व कर्मियों को भारतीय समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष एवं मंत्री प्रतिनिधि रामजी राजभर एवं उनके भाई राजनेत राजभर चकबंदी कर्ता ( कानूनगो ) बालचंद राम को जातिसूचक शब्दों से गाली देते हुए जान की धमकी के साथ उनको जमीन पर गिरा कर लात घूसों से मारने पीटने लगे। मारपीट के बाद पैमाइश नहीं हो सकी तथा अन्य अधिकारी कर्मचारी डर के मारे भाग खड़े हुए ।

birno police station

चकबंदी कर्ता बालचंद राम ने अपने लिखित तहरीर में उक्त बातों का जिक्र करते हुए लिखा है कि मैं दलित जाति का हूं, इस घटना में हमें गंभीर चोटें आई हैं तथा मैं मानसिक रुप से काफी आहत हूं । बतौर बालचंद्र राम शनिवार की घटना के बाद आज तीन दिन हो गए लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने से उनके परिजनों में भय व्याप्त है। उनका कहना है कि सत्ता के दबाव में थानाध्यक्ष एवं अधिकारी हमारी बात नहीं सुन रहे हैं और कानूनी कार्रवाई करने में असमर्थ हैं। इस संबंध में थानाध्यक्ष बरेसर गौतम सिंह ने बताया कि पैमाइश के दिन पुलिस बल इनके लिए अधिकृत किया गया था, लेकिन उन्होंने बिना पुलिस की पैमाइश करने चले गए। घटना की तहरीर मिली हुई है सभी प्रकरण अधिकारियों के संज्ञान में है अधिकारियों से उचित निर्देश मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर दी जाएगी ।

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