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UP Election 2017

खुली उत्तर प्रदेश के स्कूली शिक्षा की पोल, 'नोट' निभाते हैं शिक्षकों की तैनाती में अहम रोल!

Updated: IST Primary Education
सीडीओ ने बीएसए से स्थानान्तरण संबंधी अभिलेख किया तलब, शिक्षक संगठन व अधिवक्ता की शिकायत पर हुई कार्यवाही

गोण्डा। बेसिक शिक्षा विभाग के कारनामे की पोल कोई और नहीं बल्कि शिक्षक संगठनों ने खोलकर रख दी जिस पर सीडीओ ने बेसिक शिक्षाधिकारी से स्थानान्तरण संबंधी अभिलेख एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं।

उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ द्वारा डीएम को दिए गए पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2015-16 में शासन स्तर से स्थानान्तरण शून्य था। इसके बावजूद बेसिक शिक्षाधिकारी द्वारा पहुंच वाले अध्यापकों के प्रस्ताव पूरे वर्ष सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को भेजे जाते रहे और प्राप्त अनुमोदनों पर स्थानान्तरण वर्ष भर किए जाते रहे। इस प्रक्रिया से आम अध्यापक वंचित रहा क्योंकि उसे पता था कि शासन से स्थानान्तरण शून्य है। यही नहीं स्थानान्तरण पाने वाले अध्यापकों का चयन किस प्रकार किया गया है, यह बात भी समझ से परे है। पत्र में कहा गया है कि अगस्त 2016 में स्थानांतरण हेतु चयन समिति परिवर्तित कर डीएम की अध्यक्षता होना था जिससे आम शिक्षकों को न्याय मिलता।

अब आम शिक्षकों को डीएम से उम्मीद

अब आम शिक्षकों को सिर्फ डीएम से ही उम्मीद बची है ऐसा शिक्षक संगठन का मानना है। पदाधिकारियों ने तर्क दिया है कि पारस्पारिक स्थानांतरण में कोई कठिनाई नहीं है। प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक विद्यालय के पदों पर स्थानान्तरण उन विद्यालयों में किए जा सकते हैं जहां तीन अध्यापक नहीं हैं क्योंकि कक्षा संख्या के अनुसार ही पद होते हैं।

283 शिक्षकों की पदोन्नति में हुआ खेल

ऐसा बताया जा रहा है कि गत अक्टूबर माह में 283 शिक्षकों की पदोन्नति में जमकर गड़बड़ी हुई है। आरोप है कि प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय व सहायक अध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालयों का प्रमोशन अनुमोदित सूची से हटकर किया गया। सूत्र बताते हैं कि लगभग 80 विद्यालयों को अनुमोदित सूची से हटकर किया गया। इन विद्यालयों में जो शिक्षक तैनात किये गये उनकी तैनाती पहले किसी अन्य विद्यालय में की गयी थी। कहा जाता है कि एक ही डिस्पैच पर एक बार दूसरे विद्यालय में नियुक्ति की गयी फिर इस आवंटन को बदलने के लिए। आरोप तो यहां तक लग रहे हैं कि बीएसए के एक कर्मी ने 70 हजार रुपये लेकर यह कार्य किया। बताया जाता है कि 40 शिक्षकों का अनुमोदित सूची में दूसरा विद्यालय है। फिर उसी सूची से इन 40 अध्यापकों का विद्यालय आवंटन किया गया फिर सूची को दर किनार करते हुए उसी डिस्पैच पर दूसरा विद्यालय आवंटन कर दिया गया। जबकि शासनादेश है कि पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों का वेतन उसी विद्यालय से लगे जिस विद्यालय को समिति ने अनुमोदित किया है। इस प्रकरण में भी अधिवक्ता की शिकायत पर सीडीओ ने अभिलेख तलब किए हैं।

बीएसए छुट्टी पर

इस संबंध में प्रभारी बीएसए अविनाश ने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया कहा कि बीएसए छुट्टी पर हैॆ। इस विषय में वही बता सकते हैॆ।

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