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यूपी में नीली बत्ती गाड़ी से क्लास वन अफसर का रौब गांठते हैं कुछ अधिकारी!

Updated: IST gonda
आरटीओ का कहना है कि प्राइवेट वाहनों पर नीली बत्ती लगाकर चलना पूरी तरह से गलत है।

गोंडा. एक तरफ उच्च न्यायालय के निर्देश पर प्रदेश भर में अवैध तरीके से लाल, नीली बत्ती लगाकर चलने वालों के विरुद्ध अभियान चलाकर उनकी बत्तियां उतारी गयी हैं। इसके बावजूद बत्तियों के गलत उपयोग में कमी नहीं आ रही है। ताजा मामला गोंडा में तैनात बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह का है, जो अपनी निजी इनोवा कार में नीली बत्ती लगाकर मातहतों पर न सिर्फ क्लास वन अफसर का रौब गांठते हैं, बल्कि उन पर छोटी-छोटी गलतियों पर भद्दी भद्दी गालियां देकर अपमानित करने का भी आरोप है। बीएसए की नीली बत्ती गाड़ी जिले भर में चर्चा का विषय बनी है, यह बात सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बीएसए को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने बत्ती उतरवा दी। इसी तरह कुछ पीएससी और सीएससी के डॉक्टर भी अपने वाहनों में नीली बत्ती लगाकर अपने को क्लास वन के अफसर में सुमार कर रहे हैं। विकास खंड पड़री कृपाल के खंड विकास अधिकारी अपने प्राइवेट बोलेरो पर नीली बत्ती लगा रखे हैं। जबकि कुछ थानों के थानाध्यक्ष अपने प्राइवेट वाहनों पर नीली बत्ती लगा रखे हैं।

आपको बता दें कि जनपद में जिलाधिकारी के अलावा कुछ गिने चुने अधिकारी ही नीली बत्ती का उपयोग कर सकते हैं। आरटीओ देवीपाटन मंडल गोंडा का कहना है कि बीएसए, पीएचसी, सीएससी के डॉक्टर, खंड विकास अधिकारी, थानाध्यक्षों का अपने प्राइवेट वाहनों पर नीली बत्ती लगाकर चलना पूरी तरह से गलत है और किसी भी कीमत पर वह नीती बत्ती का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। निजी गाड़ी पर उत्तर प्रदेश सरकार का लोगो लगाना भी गैर कानूनी है और हूटर बजाना भी गैर कानूनी है। चूंकि जिले में स्टाफ की कमी है इसलिए अवैध नीली बत्ती लगाकर अवैध रूप से चलने वालों पर लगाम नहीं लगाई जा पा रही है।

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