Patrika Hindi News

> > > > Mufti Shamshad Ahmad attack on pm modi on noteban and triple talaq issue

UP Election 2017

मुस्लिम धर्मगुरू मुफ्ती शमशाद अहमद ने मोदी को ललकारा, इस्लाम करेंसी नोट नहीं, जब चाहा बदल दिया

Updated: IST Mufti Shamshad Ahmad
कहा- जो हुकूमत इस्लामी कानून को बदलने के लिए आगे बढ़ेगी, उसका वजूद होगा खत्म

गोरखपुर. शहर में तीन तलाक की शरई हैसियत विषय पर मुस्लिम समाज के गोष्ठी में वक्ताओं ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। जामिया अमजदिया घोषी मऊ के प्रमुख धार्मिक गुरु मुफ्ती शमशाद अहमद ने कहा कि मोदी हुकूमत इस्लामी कानून को बदल नहीं सकती और जो हुकूमत इस्लामी कानून को बदलने के लिए आगे बढे़गी तो उस हुकूमत का वजूद मुसलमान खत्म कर देंगे।

उन्होंने कहा कि हमारा इस्लामी कानून सरकार के करेंसी नोट की तरह नहीं हैं कि जब चाहो बदल दो जब चाहो जारी कर दो। यह अल्लाह का कानून हैं। प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि मोदी को औरतों की बड़ी फिक्र हो रही है अपनी बीबी की फिक्र नहीं हैं। जो अपनी बीबी के हकूक नहीं दे रहे हैं वह मुस्लिम बीबी के हकूक की क्या बात कर रहे हैं। सरकार की मुस्लिम औरतों से हमदर्दी नहीं बल्कि मुस्लिम पर्सनल लॉ में दखलअंदाजी करना हैं। मोदी हुकूमत सिर्फ मुसलमानों की शरीयत में दखल देनी की कोशिश कर रही हैं जो मुसलमानों को गंवारा नहीं हैं।

विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद मेंहदावल के मुफ्ती अलाउद्दीन मिस्बाही ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस्लामी लॉ पर अपनी कोई राय देने की जरुरत नहीं हैं। इस्लामी लॉ के फैसलों के लिए फतावा आलमगीरी, शामी, हिदाया आदि किताबें हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी गुजारिश सुप्रीम कोर्ट से है कि वह मरकजी हुकूमत से राय लेकर इस्लामिक लॉ पर औरतों के तहफ्फुज के लिए अपनी कोई राय न दे। इस्लामिक किताबें की राय हमारे सामने पेश कर दें। उक्त किताबें इस्लामिक लॉ के लिए कोर्ट कचहरी में रखी हुई हैं। अगर आज हिंदुस्तान का सर्वे करा लिया जायें तो तलाक पाने वाली औरतो की तादाद उन औरतों से कम हैं जिन्हें तेल छिड़क कर जला दिया जा रहा है, गर्दन दबा दिया जा रहा है, कोख में मार दिया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पहले औरतों को जिंदगी देने की बात करे, बाद में हकूक की बात की जायें।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!

Latest Videos from Patrika

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???