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 कुलभूषण मामलाः भारत की सख्ती पर पाक की गीदड़भभकी, हमें कमजोर न समझें

Updated: IST Nawaz shareef
कुलभूषण जाधव मामले पर भारत के सख्त रुख पर पाकिस्तान ने एक बार फिर गीदड़भभकी दी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान एक शांतिप्रिय देश है, लेकिन इसे एक कमजोरी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। पाक मीडिया ने प्रधानमंत्री शरीफ के बयान के हवाले से कहा कि संघर्ष के बजाय सहयोग और संदेह के बजाय साझा समृद्धि हमारी नीति की पहचान है।

इस्लामाबाद/ नई दिल्ली. कुलभूषण जाधव मामले पर भारत के सख्त रुख पर पाकिस्तान ने एक बार फिर गीदड़ भभकी दी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान एक शांतिप्रिय देश है, लेकिन इसे एक कमजोरी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। पाक मीडिया ने प्रधानमंत्री शरीफ के बयान के हवाले से कहा कि संघर्ष के बजाय सहयोग और संदेह के बजाय साझा समृद्धि हमारी नीति की पहचान है। शरीफ ने ये बातें रिसालपुर में असगर खान पाकिस्तान वायु सेना अकादमी में कैडेट को संबोधित करते हुए कही। शरीफ ने कहा कि पड़ोसी देशों से दोस्ताना संबंध बनाए रखना पाकिस्तान की नीति है लेकिन इस कमजोरी समझने की गलती नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम अपनी संप्रभुता का बचाव और अपनी स्वतंत्रता की रक्षा करने से अनजान नहीं रह सकते। शरीफ की यह टिप्पणी पाकिस्तान द्वारा कथित भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव को जासूसी करने और पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में मौत की सजा सुनाए जाने के एक दिन बाद आई है। गौरतलब है कि भारत ने चेतावनी दी है कि यदि जाधव को फांसी दी गई तो द्विपक्षीय संबंधों पर इसका असर पड़ेगा।

जाधव को फांसी दी गई तो होंगे गंभीर परिणाम
भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान को चेतावनी दी कि यदि पड़ोसी मुल्क में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किए गए भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को सुनाई गई मौत की सजा पर अमल होता है तो इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे और द्विपक्षीय संबंध प्रभावित होंगे। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में कहा कि भारत सरकार और यहां के लोग कानून, न्याय के बुनियादी नियमों और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों का उल्लंघन कर एक निर्दोष भारतीय को पाकिस्तान में मृत्युदंड दिए जाने की संभावना को बहुत ही गंभीरता से देखेंगे। सुषमा ने कहा कि भारत सरकार जाधव को बचाने के हर संभव तरीका अपनाएगी। उन्होंने पाकिस्तान सरकार को चेताते हुए कहा कि वह इस बात पर विचार कर ले कि यदि मौत की सजा पर अमल हुआ तो इसके द्विपक्षीय संबंध पर कैसे असर होंगे।
भारत ने कुलभूषण को बताया निर्दोष
सुषमा ने कहा कि कुलभूषण जाधव द्वारा कुछ भी गलत करने का कोई सबूत नहीं हैं। वह एक साजिश का शिकार है जिसमें पाकिस्तान के जगजाहिर आतंकवाद समर्थक रिकार्ड से विश्व का ध्यान हटाकर भारत पर लांछन लगाने की कोशिश की गई है। हमारे पास सिवाय इसके कोई विकल्प नहीं है कि यदि इस सजा पर अमल होता है तो हम इसे सुनियोजित हत्या मानेंगे।

कांग्रेस ने कुलभूषण के लिए की कानूनी मदद की मांग
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने सरकार से एक वकील को नियुक्त करने की अपील की जो पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत में जाधव का केस लड़ सके। आजाद ने कहा कि यह पूरे देश का मामला है। मैं सरकार से पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत में जाधव का केस लड़ने के लिए एक वकील को नियुक्त करने का आग्रह करता हूं ताकि वह सर्वोच्च अदालत में केस जीत सके। इसके बाद सुषमा ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार पाकिस्तान के सर्वोच्च अदलात में अपील करेगी और 'देश के बेटे' को बचाने के लिए वहां के राष्ट्रपति के समक्ष याचिका भी देगी। इस मौके पर सदन में विपक्ष और सत्तापक्ष, दोनों के सदस्यों ने इस मुद्दे को उठाया और जाधव के प्रति एकजुटता दिखाई। गौरतलब है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद ने जावध को मृत्युदंड दिए जाने की पुष्टि की है।

लोकसभा ने जाधव को मौत की सजा पर पाकिस्तान की निंदा
लोकसभा ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को मौत की सजा देने के पाकिस्तान के फैसले की मंगलवार को एकमत होकर निंदा की। लोकसभा सदस्यों ने सरकार से जाधव का जीवन बचाने के लिए हर कदम उठाने का आग्रह किया। वहीं, राज्यसभा में समाजवादी पार्टी सांसद नरेश अग्रवाल ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान ने जाधव को मृत्युदंड का फैसला सुनाकर भारत को चुनौती दी है। अग्रवाल ने कहा कि भारत की पाकिस्तान नीति बहुत कमजोर है। यह देश के लिए एक चुनौती है। पूर्व रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी ने अग्रवाल की बात का समर्थन करते हुए इस मुद्दे को बहुत ही गंभीर बताते हुए कहा कि भारत को पाकिस्तान के समक्ष कड़े शब्दों में विरोध जताना चाहिए।

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