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बिजली मिलती नहीं और बिल आ रहे हैं, किसान हुए हैरान 

Updated: IST guna
बिजली कंपनी की मनमानी से परेशान सैकड़ों किसानों ने जनसुनवाई में अधिकारियों से की शिकायत

गुना. खरीफ फसल कटने के बाद किसान पलेवा की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें बिजली की आवश्यकता है लेकिन गांव में पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। इसके अलावा पांच हार्स पावर मोटर पर साढ़े सात हॉर्स पावर की बिलिंग की जा रही है। इसकी शिकायत किसानों ने मंगलवार को जन सुनवाई में भी की है।

बताया जाता है कि क्षेत्र के किसानों ने मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार पांच हार्स पावर का स्थाई कनेक्शन लिया है। जिसमें छह हजार रुपए का फ्लेड बिल जमा करना है। लेकिन कंपनी द्वारा किसानों को छह हजार के स्थान पर 20-20 हजार रुपए के बिल दे रही है। ग्राम खुटियावद के किसानों ने जनसुनवाई में शिकायत की है कि उन्होंने पांच हार्स पावर का कनेक्शन लिया है और पिछले साल बिल पूरा भर दिया।

इसके बाद भी इस साल किसानों को कंपनी ने हाल में 20-20 हजार रुपए तक के बिल थमा रही है। बिलों को लेकर किसान कई बार कंपनी के अधिकारियों से भी मिल चुके हैं लेकिन वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे पा रहे हैं। किसान बिजली कंपनी कार्यालय से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक दौड़ लगा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यह स्थिति केवल खुटियाबाद गांव की नहीं है बल्कि जिले में अधिकांश गांवों में यहीं स्थिति है।म्याना सर्कि ल,बमौरी के झागर और ग्रामीण अंचल के दर्जनों गांव के लोग बिलों की गड़बड़ी की समस्या से जूझ रहे हैं। जहां बिजली कंपनी मनमाने तरीके से किसानों को बिल दे रही है। उनका निराकरण भी नहीं किया जा रहा है। बमौरी ब्लाक में किसानों फ्लेट रेट के हिसाब से बिल ही नहीं दिया जा रहे है।

इस बार मंहगे मिलेंगे अस्थाई कनेक्शन

बिजली कंपनी ने इस साल अस्थाई कनेक्शन महंगे कर दिए हैं। थ्री एचपी का कनेक्शन साडे आठ हजार के आसपास था जो इस बार नौ हजार के लगभग पड़ेगा। इसी तरह पांच एचपी लगभग 13 हजार 800 का था जो 15 हजार का हो गया है। सात एचपी का कनेक्शन 21 हजार 900 की जगह 24 हजार के लगभग कर दिया गया है। रबी सीजन शुरु होते ही किसान अस्थाई कनेक्शन करवाने के लिए रसीद कटवाएंगे। तब उन्हें अतिरिक्त भार की जानकारी लगेगी। तब तक उन्हें अधिक राशि का बिल देने मजबूर होना पड़ रहा है और अधिकारी भी इस मामले में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। ग्रामीण बिजली विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के एक साथ चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है।

नहीं मिल पा रही है बिजली

सरकार ने दस घंटे बिजली देने की घोषणा की है,इसके लिए फीडर सेपरेशन की योजना बनाई थी। जिले में अभी तक फीडर सेपरेशन का काम पूरा नहीं कर सकी है। इसके चलते मुश्किल से चार घंटे ही बिजली मिल रही है। बरखेड़ गिर्द के किसानों ने बताया कि देर रात को बिजली आती है। इसके बाद सुबह गुल हो जाती है। दिन में बिजली ही नहीं मिल पा रही है। कई गांवों में हालात ऐसे हैं कि एक बार अगर ट्रांसफार्मर खराब हो जाए तो उसे बदलने में महीने का समय भी लग सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी परिस्थितियां कई बार बनती हैं।

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