Patrika Hindi News

15 साल की लड़ाई के बाद मिली जमीन

Updated: IST
ग्राम कांसेर के 82 सहरिया परिवारों द्वारा 15 साल से लड़ी गई लड़ाई के बाद 20 सहरिया आदिवासियों को 109 बीघा जमीन पर वन पट्टा मिल गया है। पत्रिका ने इन किसानों की लड़ाई को अभियान के रूप में चलाया। आदिवासियों का कहना है कि अभी उन्हें अपनी लड़ाई से थोड़ा सा ही हक मिला है।

ग्वालियर. ग्राम कांसेर के 82 सहरिया परिवारों द्वारा 15 साल से लड़ी गई लड़ाई के बाद 20 सहरिया आदिवासियों को 109 बीघा जमीन पर वन पट्टा मिल गया है। पत्रिका ने इन किसानों की लड़ाई को अभियान के रूप में चलाया। आदिवासियों का कहना है कि अभी उन्हें अपनी लड़ाई से थोड़ा सा ही हक मिला है। यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब सभी आदिवासियों को जमीन मिलेगी। इन किसानों को सिंचाई के लिए एकता परिषद ने दो पंप उपलब्ध कराएं हैं। नया गांव के अंतर्गत आने वाले ग्राम कांसेर के सहरिया आदिवासियों द्वारा इस क्षेत्र में कई पीढिय़ों से खेती की जा रही है। ये आदिवासी उन स्थानों पर खेती कर रहे हैं, जहां न तो सड़क है न बिजली और न ही किसी प्रकार के कोई आने-जाने के साधन। परिषद के जिला समन्वयक डोंगर शर्मा ने बताया कि आदिवासियों को उनका हक दिलाने के लिए लगातार धरना-आंदोलन किए गए।

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ?भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???