Patrika Hindi News

> > > > administrative irragularities in harsi high level cannel project

700 करोड़ की नहर योजना को अभी भी है इंजीनियर का इंतजार

Updated: IST harsi high level cannel
हरसी नहर से करीब 300 मीटर पहले नहर को पक्का करने का काम किया जा रहा है, जिसमें दोनों ओर सीसी की लाइनिंग की जा रही है, लेकिन हैरत की बात यह थी कि मौके पर न तो ठेकेदार का कोई इंजीनियर मौजूद रहता है और ना ही जल संसाधन विभाग का।

ग्वालियर। हरसी हाईलेवल नहर योजना पर फिर से गोलमाल के बादल मंडरा रहे हैं। मामला जौरासी घाटी स्थित हनुमान मंदिर के ठीक पीछे का है, जहां प्रदेश की सबसे बड़ी भूमिगत सुरंग का निर्माण नहर के लिए किया गया है।
नहर से करीब 300 मीटर पहले नहर को पक्का करने का काम किया जा रहा है, जिसमें दोनों ओर सीसी की लाइनिंग की जा रही है, लेकिन हैरत की बात यह थी कि मौके पर न तो ठेकेदार का कोई इंजीनियर मौजूद था और ना ही जल संसाधन विभाग का।
दोनों की अनुपस्थिति में कर्मचारी ही नहर को बनाने का काम कर रहे थे, जिससे योजना की सफलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं कई हिस्सों में नहर के बनते ही टूट जा जाने के दृश्यों को भी पत्रिका टीम ने मौके पर ही कैद किया। जो निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोल रहे थे, जबकि नहर से ग्वालियर और भिंड जिले में सिचाई के रकबे को बढ़ाया जाना है।
(नहर का निर्माण होते हुए।)

प्रदेश की सबसे बड़ी भूमिगत सुरंग
सुरंग की लंबाई - 2.685 किलोमीटर
सुरंग का व्यास - 3.50 मीटर
- 102.4 किलोमीटर लम्बी नहर प्रणाली का हिस्सा
- 34.34 करोड़ रुपए की लागत से प्रदेश की सबसे बड़ी भूमिगत नगर के लिए सुरंग बनाई गई।
- 45.245 हजार हैक्टेयर फ सलों को पानी मिल सकेगा, जिसमें ग्वालियर और भिंड को लाभ होगा।
- 75 एनएच पर जौरासी की पहाड़ी को काटकर ग्राम रौरा तक निर्माण किया गया है।
(सीसी का निर्माण हुआ और टूट गया।)

हरसी हाईलेवल कार्य
प्रथम चरण- 1935 में पार्वती नदी पर बना हरसी बांध, 65 किलोमीटर लंबी है मुख्य नहर, 418.30 किमी. लम्बी नहर की शाखाएं हैं ।
2006 से अक्टूबर 2010 में पूर्ण संधारण का काम हुआ, 124 करोड़ की मिट्टी से बनी नहरों में सीमेंट कंक्रीट की लाइनिंग पुल-पुलियों आदि का काम किया गया।

द्वितीय चरण- 612.42 करोड़ रुपए की लागत से सिंध परियोजना , 102.40 किमी लम्बी , हरसी उच्च स्तरीय मुख्य नहर का निर्माण हो रहा है।
140 गांव ग्वालियर के और 25 गांव भिंड के मिलाकर कुल 165 गांव योजना से लाभान्वित होंगे।
2017 मार्च में कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
(सुरंग के पास हो रहा है काम।)

लाभ
1.- 30 से बढ़कर 66 हजार हैक्टेयर हो गई है रबी फ सल में सिंचाई क्षमता ।
2.- जिले के 198 ग्रामों के 48.798 हजार कृषक अपनी गेहूं्, सरसों, धान, सोयाबीन की फ सलों की सिंचाई कर पा रहे हैं।
3.- 7.230 से बढ़कर 30 हजार हैक्टेयर हो गई है सिंचाई क्षमता।

'नहर का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, काम गती पर है। अगर मौके पर नहर टूट रही है या इंजीनियर नहीं हैं तो मामले को दिखवाकर कार्रवाई करेंगे।'
- आरबी दीक्षित, एसडीओ, जल संसाधन विभाग, हरसी हाईलेवल नहर परियोजना

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!

Latest Videos from Patrika

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???