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Photo Icon सर्दियों में एक कप चाय से बनाएं दिन को हेल्दी, ये होगा फायदा

Updated: IST morning tea
भोर होने पर आंखें खुलते ही अगर किसी चीज की याद आती है तो वह है बस एक चाय की प्याली। एक चाय की प्याली पूरे स्वाद के साथ ही आपको सेहतमंद रखने में बहुत फायदेमंद होती है।

ग्वालियर। भोर होने पर आंखें खुलते ही अगर किसी चीज की याद आती है तो वह है बस एक चाय की प्याली। एक चाय की प्याली पूरे स्वाद के साथ ही आपको सेहतमंद रखने में बहुत फायदेमंद होती है।

वैसे तो पूरे वर्ष ही चाय को पसंद किया जाता है लेकिन सर्दियों में इसकी डिमांड में तीन गुना तक वृद्वि हो जाती है। घर से लेकर ऑफिस तक चाय की चुस्कियां लगाई जाती हैं। दरअसल चाय केवल एक चस्का नहीं, हेल्थ टॉनिक भी है। समय के साथ चाय के शौकीनों ने चाय के कई नए जायकेदार व सेहतमंद विकल्प तलाश लिए हैं। आइए जानते हैं इस मौसम में आप अपनी चाय को किस तरह सेहत का प्याला बना सकते हैं।

कितनी चाय पिएं
चाय पीने के बहुत सारे फायदे हैं, पर इसका अर्थ यह नहीं कि आप एक दिन में कई बार चाय पिएं। एक दिन में 2-3 कप से अधिक ग्रीन टी न पिएं। इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से लिवर प्रभावित हो सकता है। ब्लैक और ग्रीन टी में पाया जाने वाला टैनिन आयरन के अवशोषण में बाधा डालता है। अधिक मात्रा में कैफीन के सेवन से अनिद्रा, पेट फूलना, हृदय की धड़कनें तेज हो जाना और मांसपेशियों में ऐंठन आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

" हर्बल टी "

हर्बल टी में सिर्फ चाय की पत्तियां नहीं होतीं। यह चाय विभिन्न पौधों की पत्तियों, बीजों, जड़ों व फूलों आदि से तैयार की जाती है। इसे आप एक तरह का काढ़ा भी कह सकते हैं। इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है। हर्बल टी को गरमा गरम या बर्फ डाल कर पी सकते हैं।

" लेमन ग्रास टी "

लेमन ग्रास टी, लेमन ग्रास नामक पौधे से तैयार की जाती है। इस मौसम में इसका सेवन ताजगी व सुकून देता है। इसमें सिट्रॉल नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो जीवाणुओं और विषाणुओं के संक्रमण से बचाता है। इससे पेट साफ रहता है।

" हिबिस्कस टी "
हिबिस्कस टी (गुड़हल की चाय) चाय गर्म या ठंडी पी जा सकती है। यह लाल रंग की होती है। इसका स्वाद खट्टा होता है। अगर आप मीठी चाय पीना चाहते हैं तो इसमें शहद मिला सकते हैं। यह चाय रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम
करती है।

" ब्लैक टी "
हालांकि ग्रीन टी और ब्लैक टी एक ही पौधे से प्राप्त होती हैं, लेकिन प्रोसेसिंग के कारण ब्लैक टी में पॉलीफेनल्स की मात्रा ग्रीन टी की तुलना में काफी कम हो जाती है । ब्लैक टी न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर जैसे अल्जाइमर्स और पार्किन्सन के खतरे से भी बचाती है।

स्वाद और सेहत की चाय
  • ग्रीन टी में कॉफी की तुलना में कैफीन की मात्रा एक-चौथाई और ब्लैक टी में एक-तिहाई होती है। तीन कप ग्रीन टी में एक सेब की तुलना में आठ गुना ज्यादा 'एंटीऑक्सीडेंट पावरÓ होती है।
  • ग्रीन टी के एक कप में 36 मिलिग्राम कैफीन होती है, ब्लैक टी के एक कप में 60 मिलिग्राम और कॉफी के कप में 65-270 मिलिग्राम कैफीन होती है।
  • वयस्कों को एक दिन में 300-400 मिलिग्राम कैफीन से अधिक का सेवन नहीं करना चाहिए। बच्चों के लिये यह सीमा 100 मिलिग्राम प्रतिदिन है।

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