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Video Icon होटल पर शहर की निगाहें पुरानी छावनी पहुंचे नगर निगम प्रशासन पुलिस  और सैंकड़ों कांग्रेसी

Updated: IST praduman singh tomar
कांग्रेस नेता प्रदुमन सिंह तोमर और नगर निगम आयुक्त अनय द्विेदी के बीच की जंग अब तोमर के पुरानी छावनी स्थित रितुराज होटल पर जाकर अटक गई है।

ग्वालियर। कांग्रेस नेता प्रधुम्न सिंह तोमरऔर नगर निगम आयुक्त अनय द्विेदी के बीच की जंग अब तोमर के पुरानी छावनी स्थित रितुराज होटल पर जाकर अटक गई है। शुक्रवार सुबह नगर निगम अधिकारी होटल पर पहुंच गए हैं। कयास लगाया जा रहा है कि होटल की तुड़ाई हो सकती है।

वहीं यह भी बात सामने आ रही है कि तुड़ाई नहीं लेकिन होटल की नपाई जरुर होगी, जिसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। वहीं पूर्व विधायक के समर्थक भी पुरानी छावनी पहुंच गए हैं। करीब 500 से ज्यादा कार्यकर्ता का हुजुम प्रधुम्न सिंह तोमरके समर्थन में आ गया है जिसमें कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल हैं। कांग्रेस नेता मुन्नालाल गोयल, अशोक शर्मा, अशोक यादव सहित कई समर्थक मौजूद हैं। भीड़-भाड़ को कंट्रोल करने और विवाद से निवटने के लिए भारी संख्या में पुलिस वल भी मौजूद है।

sewer water supply

शहर में गंदे पानी की समस्या को उठाना और आयुक्त अनय द्विवेदी से सीधी टक्कर लेना कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रधुम्न सिंह तोमर को भारी पड़ सकता है। नगर निगम ने तोमर के पुरानी छावनी स्थित होटल ऋतुराज को तोडऩे की प्लानिंग कर ली है। इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल मांगा गया है वहीं निगम अफसरों को 11 बजे तक मौके पर पहुंचने के निर्देश भी दिए गए हैं। ज्ञात हो कि तोमर ने पूर्व में तानसेन रोड स्थित तानसेन अपार्टमेंट के बाहर स्थित दुकानों को तोड़े जाने का विरोध किया था।

वहीं वार्ड क्रमांक 6 में मंशा देवी के मंदिर की गली में गंदे पानी की सप्लाई पर धरना दिया था। दोनो ही मामलों में तोमर को जेल भेजा गया था। लेकिन तोमर फिर भी नहीं माने और उरवाई गेट के पास स्थित सरदारों की गली में गंदे पानी का मुद्दा उठाया और आयुक्त अनय द्विवेदी से मिलने पहुंच गए। हालाकि वहां बात नहीं बनी तो कलेक्टर से शिकायत करने पहुंचे वहां मुंहवाद व्यक्तिगत हो गया। बहरहाल पूरे शहर के लिए यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं तोमर के समर्थक भी भारी संख्या में मौके पर पहुंचेंगे इसकी तैयारी निगम की खबर लीक होते ही कांग्रेसियों ने शुरू कर दी है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेसी इस मुद्दे पर गुटबाजी को भूलकर एकजुट होते हैं या फिर इस मुद्दे को भुनाकर कांग्रेस के लिए अगले चुनावी वर्ष में कदम बढ़ाते हैं।

सुलह की कोशिश
उक्त पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहे जानकारों का मानना है कि निगम की कार्रवाई से पूर्व ही सत्ता संगठन की ओर से दखल किया जा सकता है। जिसमें दोनो के बीच मध्यस्थता की अंतिम कोशिश होगी। ताकि शहर में सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ कोई मुद्दा न बन सके। बहरहाल अब देखना होगा कि सत्ता की ओर से कौन सुलह की पहल करता है।

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