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Photo Icon  लगातार दूसरे दिन कोहरे ने ढंका शहर, VISIBILITY हुई कम, ठंडी लहर से कांपे लोग

Updated: IST dense fog
कोहरे के साथ शीत लहर चलने के कारण लोगों की सुबह भी देरी से हुई। लोग अभी तक कान नहीं ढंक रहे थे, लेकिन सर्दी बढऩे के कारण गर्म कपड़े पहन कर निकल रहे हैं।

ग्वालियर। कश्मीर में हुई बर्फबारी के पैदा हुए कोहरे ने दूसरे दिन भी पुरे अंचल को ढंक दिया। गुरुवार को भी रात में कोहरा छा गया। बुधवार की अपेक्षा गुरुवार को छाया कोहरा अधिक घना छाया। कोहरे के साथ शीत लहर चलने के कारण लोगों की सुबह भी देरी से हुई। लोग अभी तक कान नहीं ढंक रहे थे, लेकिन सर्दी बढऩे के कारण गर्म कपड़े पहन कर निकल रहे हैं।

शहर सहित अंचल के मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। सुबह सीजन का पहला कोहरा छाया, जिससे लोगों की दिनचर्या में बदलाव हुआ कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो नवंबर के अंतिम दिन कोहरा छाने से खरीफ की फसलों को लाभ मिलेगा।

सुबह 5 बजे जब लोगों की नींद खुली तब आसमान साफ था। छह बजे हल्के बादल दिखने लगे। साथ ही कोहरे का घनत्व बढऩे लगा। कोहरे के ज्यादा घने होने के कारण पांच मीटर की दूरी पर खड़ा व्यक्ति भी नजर नहीं आ रहा। कोहरे की वजह से स्कूली बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हुए। अभिभावकों ने उन्हें ऊनी कपड़ों में स्कूल भेजा। कोहरा इतना जबरदस्त है कि वाहन चालकों को हेडलाइट जलाना पड़ रही है।

कोहरे से ट्रेनों की चाल बिगड़ी
नई दिल्ली से भोपाल जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस की रफ्तार भी घने कोहरे ने बिगाड़ दी। शताब्दी अपने निर्धारित समय से 2.01मिनट की देरी से ग्वालियर पहुंची। वहीं, अमृतसर-दादर आठ घंटे, छतीसगढ़ 2 घंटे, पंजाब मेल 3.30 मिनट, स्वर्णजयंती 1.45 मिनट, एपी एसी 1.50 मिनट, ताज 2.50 मिनट, कांगो 2.50 मिनट, मंगला एक्सप्रेस 20 मिनट चल रही हैं।

लापरवाही हो सकती है घातक
  • सामान्य वयस्क साल में तीन से चार बार सर्दी-जुकाम होता है। बुजुर्गों और बच्चों पर ऐसे मौसम और प्रदूषण का गहरा असर होता है क्योंकि इनकी प्रतिरोधक क्षमता कम होती है।
  • कोहरे के मौसम में धमनियों में रक्त का प्रवाह कम होता है। दिल के मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि तेज ठंड से दिल का दौरा पडऩे का खतरा बढ़ जाता है।
  • सर्दी में धुएं और धूल के कण कोहरे को प्रदूषित कर देते हैं। ऐसे में सांस के रोगियों को सांस लेने पर शरीर में अशुद्ध हवा प्रवेश करती है। इससे या तो वह घबराता है या उसकी तकलीफ बढ़ जाती है।

सर्दी का मौसम अपने साथ अनेक स्वास्थ्य समस्याएं लेकर आता है। इनमें से कई इस मौसम में होने वाले कोहरे की वजह से होती हैं। कोहरे में मौजूद प्रदूषण और हानिकारक रसायनों का स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। थोड़ी सी सावधानी रख कर आप कोहरे से होने वाले नुकसान से बच सकते हैं। कोहरा बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वालों के लिए खासी परेशानी वाला होता है।

जेएएच के मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ.अजयपाल सिंह बताते हैं कि सर्दी में फ्लू, सांस की परेशानी, कानों में संक्रमण और पेट की समस्याएं खासतौर से तंग करने लगती हैं। यह मौसम डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी मुश्किल भरा होता है साथ ही हृदय के रोगियों को भी इस मौसम में सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि उनकी सेहत के लिए भी यह कोहरा काफी नुकसानदेह होता है।

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