Patrika Hindi News

> > > > engineering exam start to conducting in hindi

मातृ भाषा में पढ़ाई: अब हिन्दी में दे सकेंगे इंजीनियरिंग का EXAM

Updated: IST engineering exam
देश में हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए वर्षों से कई तरह के वादे किए जाते रहे हैं लेकिन इसकी पहल अगर सही मायने में देखी जाए तो मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित अटल बिहारी हिन्दी विवि से हुई है।

ग्वालियर। देश में हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए वर्षों से कई तरह के वादे किए जाते रहे हैं लेकिन इसकी पहल अगर सही मायने में देखी जाए तो मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित अटल बिहारी हिन्दी विवि से हुई है। विवि में इंजीनियरिंग की पढ़ाई छात्र हिन्दी में कर सकेंगे। इसके लिए कोर्स की शुरुआत हो चुकी है।

इसके अलावा मध्य प्रदेश शासन के निर्देश पर आरजीपीवी ने भी इस सत्र से स्टूडेंट्स को परीक्षाएं अंग्रेजी के साथ ही हिन्दी में देने का ऑप्शन दिया है। यह हिन्दी के लिए अच्छी शुरुआत है आगे चलकर सभी कॉलेजों में अंग्रेजी के साथ हिन्दी में स्टूडेंट्स को पढऩे का मौका मिलेगा।

इंजीनियरिंग के प्रति घट रहे रूझान को बढ़ाने में मिलेगी मदद
शिक्षा के स्तर को बढ़ाना के लिए मातृभाषा में ही स्टूडेंट्स को पढ़ाया जाना चाहिए। विकसित देश जैसे चीन, जापान, इजराइल, रूस, कोरिया और जर्मनी सहित दुनिया के अन्य देशों में पाठ्यक्रमों की शिक्षा देश की स्वभाषा में दी जाती है। वहां की किताबे हो या फिर रिसर्च वह सब उनके मातृभाषा में होती है जिसके कारण ये सभी देश तरक्की कर रहे है।

now engineering in hindi

इसी साल से लागू होगा
आरजेपीवी के कुलपति पीयूष त्रिवेदी के अनुसार यह फैसला इसी साल लागू हो जाएगा। ङ्क्षहदी मीडियम से इंजीनियंरिंग करने वाले स्टूडेंट्स को संस्थान में पहले ही जानकारी देनी होगी कि वे हिंदी माध्यम से पढऩा चाहते है। इससे इंजीनियरिंग के प्रति घट रहे रूझान को बढ़ाने की कोशिश में मदद मिलेगी। साथ ही साथ ऐसे स्टूडेंट्स जो इंग्लिश के कारण इंजीनियरिंग नहीं पढ़ पा रहे थे वे अपने सपना को पूरा कर पाएगे। गौरतलब है कि शहर में आरजीपीवी से संबंद्ध 2 दर्जन से अधिक संस्थान हैं। इनमें लगभग 35 हजार स्टूडेंट्स अध्ययनरत हैं।

तकनीकी शब्द अंग्रेजी में ही लिखें
स्टूडेंट्स को एग्जाम में हिंदी में लिखने की सुविधा दी जाएगी। लेकिन तकनीकी शब्दों का अनुवाद नहीं किया जाएगा। अंग्रेजी में प्रचलित नाम को हिंदी में लिखा जा सकेगा। साथ ही स्टूडेंट्स की सुविधा के लिए हिंदी और इंग्लिश दोनों ही भाषाओं में क्वेश्चन पेपर तैयार किए जाएंगे। जिससे किसी भी प्रकार की परेशानी नही होगी।

बहुत हैं चुनौतियां
एमआईटीएस के डायरेक्टर प्रो.आरके पंडित के अुनसार सरकार की यह अच्छी पहल है। लेकिन इसके लिए पहले सभी तैयारियां करनी होगी। हिंदी में क्लास शुरु करने से पहले पाठ्यक्रम तैयार करना होगा। अभी भी इंजीनियरिंग में स्टूडेंट्स की सुविधा को देखते हुए हिंदी- इंग्लिश (हिंग्लश )में क्लास चलती है। अगर पूरी तरह से पाठ्यक्रम को हिंदी में कर दिया जाएगा तो विदेशी स्टूडेंट्स या जो बाहर से पढऩे आते हैं उनमें कमी आएगी। इससे निपटने के लिए भी तैयारी करना होगी।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे