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Photo Icon एसडीओपी भी नहीं पहचान पाए फर्जी दरोगा रोहित को,  साथ ली क्राइम मीटिंग

Updated: IST fake si rohit sengar
प्रदेश पुलिस के इतिहास में यह शायद पहला मौका है, जब कोई फरेबी दरोगा बनकर 48 घंटे तक किसी थाने की कमान संभालता रहा और अफसरों को पता तक नहीं चला।

ग्वालियर। तीन दिन तक आंतरी का थानेदार बनकर रहे फरेबी रोहित उर्फ वैभव सेंगर ने साबित कर दिया है कि पुलिस की अलर्टनेस सिर्फ दिखावा है। प्रदेश पुलिस के इतिहास में यह शायद पहला मौका है, जब कोई फरेबी दरोगा बनकर 48 घंटे तक किसी थाने की कमान संभालता रहा और अफसरों को पता तक नहीं चला।

खुफिया विभाग कुछ दिन पहले ही पुलिस को अलर्ट कर चुका है कि भोपाल जेल से भागे सिमी के आतंकियों के एनकाउंटर के बाद सिमी के गुर्गे पुलिस से बदले की साजिश रच सकते हैं। बावजूद वैभव बेखौफ थानेदारी कैसे करता रहा, पुलिस अफसर जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं। पूरे मामले में आंतरी के हवलदार को दोषी ठहराया जा रहा है, जबकि फरेबी ने दरोगा बनकर ऑनलाइन आमद दर्ज कराई। डबरा सर्किल की क्राइम मीटिंग में एक घंंटे तक मौजूद था। उसने एसडीओपी से 420 की फर्जी डायरियां भी चेक करवाईं, पर किसी ने उससे सवाल किया की उसकी यहां थाना प्रभारी की पोस्टिंग किसके आदेश पर हुई।
बढेऱा (औरेया) निवासी रोहित पुत्र शिवनाथ सिंह सेंगर तीन दिन तक आंतरी थाने का दरोगा बनकर रहा। उसे सोमवार रात पुलिस ने झांसी रेलवे स्टेशन से पकड़ा।

रोहित ने खुलासा किया है कि फर्जी पुलिसवाला बनकर रौब गांठना उसकी आदत है। इससे पहले देवास के इंडस्ट्रियल थाने में करीब 2 माह तक सिपाही बनकर रहा था। यहां पकड़ा गया तो 6 माह जेल काटी। एसएएफ टेकनपुर में तानाजी पवार, राजकुमार यादव और दीपेंद्र गुर्जर से दोस्ती थी। उनसे भी वह सब इंस्पेक्टर बनकर ही मिला था। 21 नवंबर को दोस्तों से मिलने टेकनपुर आया, तब पता चला आंतरी के दरोगा पंकज तिवारी को एसपी ने हटा दिया है तो उसने आंतरी का फर्जी थानेदार बनने की प्लानिंग की। 25 नवंबर को दोस्तों से कहा, उसकी पोस्टिंग आतंरी हो गई है। दोस्त राजकुमार यादव का रिश्तेदार रामअवतार आंतरी थाने में हवलदार है, इसलिए राजकुमार को लेकर पूरे आंतरी में घूमा सबको बताया वह नया थानेदार है।
" बढेऱा (औरेया) निवासी रोहित पुत्र शिवनाथ सिंह सेंगर "

दो दिन बाद थाने पहुंचा तो रामअवतार ने स्टाफ को बताया वह नया दरोगा है व उसका रिश्तेदार है। इसलिए किसी को शक नहीं हुआ। अॅानलाइन आमद दर्ज कराई। सबसे पहले सर्विस पिस्टल ली, फिर स्टाफ की मीटिंग लेकर थाने में मौजूद हथियारों की गिनती की, स्टाफ से केसों के बारे में पूछा। सरकारी गाड़ी से इलाके में घूमा, अवैध शराब व सट्टा कारोबारियों को थाने बुलाकर शंट किया। तोड़ा गांव में झगड़ा हो गया तो वहां भी दरोगा बनकर रौब गांठा। 28 नवंबर को एसडीओपी डबरा सुधीर सिंह कुशवाह ने सर्किल की क्राइम मीटिंग ली। उसमें 420 के अपराधों की डायरी लेकर पेश हुआ। करीब एक घंटे तक मीटिंग में रहा।

दो दिन तक थानेदारी करने के बाद लगा पकड़ा जा सकता है तो भाग गया, लेकिन फरार होने पर उसका सच सामने आ गया तो पकड़ा गया।आतंरी टीआई दीनबंधु तोमर ने बताया रोहित पर फर्जीवाड़ा छदम भेष करने का मामला दर्ज किया है।

एसपी ऑफिस के सामने से गुजरा, नेमप्लेट हटाया
पुलिस का कहना है, आरोपी रोहित बर्खास्त सिपाही है यह बातें अफवाह हंै। क्योंकि रोहित की पुलिस में नौकरी ही नहीं लगी तो बर्खास्त होने का सवाल ही नहीं उठता। इसके अलावा फरेबी एसपी ऑफिस भी नहीं आया, जब उसे शक हुआ पकड़ा जा सकता है तो उसने स्टाफ से कहा कि उसकी दादी का निधन हो गया है उसे घर जाना है। आरक्षक सुनील शर्मा को लेकर सरकारी जीप से ग्वालियर आया। एसपी ऑफिस के सामने से गुजरते समय उसने नेमप्लेट भी उतार कर जेब में रख ली। सुनील किसी को उसकी जानकारी न दे, इसलिए उसके दोनों मोबाइल फोन अपने कब्जे में कर लिए। रेलवे स्टेशन पहुंचकर संपर्क क्रंति ट्रेन में चढ़ते वक्त आरक्षक को उसके मोबाइल फोन वापस किए। वर्दी पहने होने की वजह से ही पकड़ा गया।

यह है फर्जी दरोगा
पिता: शिवनारायण सेंगर सेना से सेवानिवृत्त, हाल निवासी इंदौर में प्राइवेट कंपनी में नौकर।
भाई : रुद्रप्रताप सिंह सीआरपीएफ में जवान।
चाचा : संजय सिंह द्वितीय वाहिनी भिंड में पदस्थ।
चाचा : नरेन्द्र सिंह यूपी पुलिस में पदस्थ।
रोहित: आंतरी में वैभव सिंह नाम रखकर पहुंचा। इससे पहले सब इंस्पेक्टर की परीक्षा दे चुका है, लेकिन हर बार नाकाम रहा।
शादी करने की फिराक में था

एएसपी देहात योगेश्वर शर्मा ने बताया आरोपी रोहित शादी करने के लिए फर्जीवाड़ा कर रहा है। उसे उम्मीद है दरोगा की वर्दी पहनने से उसकी जल्द शादी हो जाएगी। आंतरी का फर्जी दरोगा बनकर वह हवलदार रामअवतार के साथ शिवपुरी में किसी युवती के पास भी गया था। देहात में पदस्थ एक पीएसआई को भी प्रपोज किया था।

दोषियों पर कार्रवाई
फर्जी दरोगा बनकर थानेदारी का मामला गंभीर है, इसमें हवलदार रामअवतार सिंह की भूमिका अहम रही है। उसे सस्पेंड किया गया है। इसके अलावा जो पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।
हरिनारायणाचारी मिश्र, एसपी

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