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पचास किलो गेहूं कैसे हो गया 51 किलो, जानिए इलेक्ट्रोनिक कांटों का सच?

Updated: IST gwalior
मंडी मं आए किसान इलेक्ट्रोनिक कांटे के विरोध में उतर आए हैं। उनका कहना है कि इलेक्ट्रोनिक कांटे से तौल ज्यादा दर्शायी जा रही है। इन्हें हटाया जाए।

ग्वालियर. समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद के दौरान तौल में होने वाली धांधली रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स कांटे लगाए गए हैं। यही कांटे इनदिनों ज्यादा तौल दर्शा रहे हैं। किसानों ने इनका विरोध शुरू कर दिया है।

चीनोर में किसानों ने इलेक्ट्रॉनिक्स कांटे का विरोध करते हुए सादा कांटो से ही तौल किए जाने की मांग कर दी है। उनका आरोप है कि इलेक्ट्रॉनिक्स कांटे पर तौल अधिक ले रहे है। जिससे उन्हें समझ में नहीं आ रहा है। किसानों के विरोध के बाद खरीदी प्रबंधक ने खरीद कार्य रुकवा दिया है और इस संबंध में वरिष्ठोंं को अवगत कराया।

इधर, जिले से आई टीम ने खरीद किए गऐ गेहूं की गुणवत्ता को परखा और बिना छाने खरीद नहीं करने के लिए निर्देश दिए। चीनोर उप मंडी में सरकारी खरीद के लिए चीनोर सोसायटी के अलावा भौरी, ररुआ संस्था के कांटे लगे है 19 अप्रैल से खरीद कार्य शुरू किया गया है। गुरुवार को किसानों को इलेक्ट्रॉनिक्स कांटे में अनियमितता दिखाई दी और उन्होंने विरोध किया। किसान सुल्तान खान, सलीम खान, पुत्तन मिश्रा, रामकुमार सेन, मुंशी खान आदि ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स कांटे एक किलो वजन ज्यादा तौला जा रहा है 50 किलों का वजन लेना है लेकिन जब उसी बोरी को सादा कांटे में तौल कराई गई तो 51 किलो वजन निकला जिससे किसानों ने विरोध किया है।

खरीद प्रभारी रवि बघेल का कहना है कि किसानों के विरोध के बाद खरीद कार्य नहीं किया गया है और वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया है इलेक्ट्रॉनिक्स कांटे से ही तौल होगी यदि अनियमितता वाली बात है तो मशीन को चेक कराया जाएगा।

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