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Photo Icon Yoga Day : हाईबीपी के मरीज हैं तो फिर ये योग आसन हैं आपके काम के, ऐसे करें योग

Updated: IST yoga day 2017
21 जून को इंटरनेशनल योगा डे है। इसी क्रम में हम आज आपको हाईबीपी, अनिंद्रा जैसी बीमारियों को कंट्रोल करने के लिए कुछ आसान से योगा आसन बता रहे हैं, जो आपको लाभ दे सकते हैं।

ग्वालियर। 21 जून को इंटरनेशनल योगा डे है। योगा सदियों पुरानी वो प्रक्रिया है जिसके द्वारा शरीर को न केवल स्वस्थ्य रखा जा सकता है बल्कि असाधारण रोगों पर कंट्रोल भी किया जा सकता है। इसी क्रम में हम आज आपको हाईबीपी, अनिंद्रा जैसी बीमारियों को कंट्रोल करने के लिए कुछ आसान से योगा आसन बता रहे हैं, जो आपको लाभ दे सकते हैं। वरिष्ठ योग शिक्षक एवं आयुर्वेद वैद्य ब्रह्मस्वरुप शर्मा से मिली जानकारी के अनुसार कुछ ऐसे योग आसन है जो रक्त चाप से जुड़ी बीमारियों में काफी सहायक हैं।

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शवासन
सबसे पहले है शवासन। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं। दोनों पैरों के मध्य एक फुट का अंतर होना चाहिए और दोनों हाथों में भी थोड़ी दुरी बनाते हुए, हाथों को ऊपर की ओर खोल दें। अपनी आँखों को बंद, गर्दन सीधी और पूरे शरीर को तनाव रहित अवस्था में छोड़ दें। फिर धीरे-धीरे गहरी साँस को भरे और छोड़ दें। यदि हम इसे पूरी सहजता के साथ करते हैं तो हम तनाव से दूरी, उच्च रक्तचाप को सामान्य और अनिंद्रा को दूर कर सकते हैं।

पश्चिमोत्तानासन
हाईबीपी कें मरीजों के लिए पश्चिमोत्तानासन जैसे आगे की ओर झुकने वाले आसन से आपकी धमनियां लचीली होती हैं और ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में होता है। इससे हाईबीपी में काफी लाभ मिलता है।

बालासन
हाईबीपी में गुस्सा आना आम बात हो जाती है। ऐसे में बालासन आपकी काफी मदद कर सकता है। बालासन जिसे हम बच्चे जैसी मुद्रा भी कहते हैं, यह आपके दिमाग से तनाव पैदा करने वाली अनावश्यक चीजें दूर करने में मदद करता है और साथ ही इससे जहरीले पदार्थ भी शरीर से बाहर निकलते हैं जिससे तनाव बढ़ी आसानी से कम हो जाता है।

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अनुलोम-विलोम प्राणायाम
अनुलोम-विलोम सबसे आसान योग आसनों में से एक हैं। लेकिन क्या आप जानते है कि अनुलोम-विलोम प्राणायाम से चिंता दूर होती है? हार्ट रेट भी कम होती है, ब्लड प्रेशर कम होता है और साथ ही इम्यून सिस्टम और एंडोक्राइन सिस्टम का सही संतुलन बना रहता है।

अधोमुख शवासन
यह आसन या फिर नीचे की ओर देखने वाले कुत्ते की मुद्रा से भी टेंशन दूर होती है और कंधों और पीठ का तनाव कम होता है।

सुखासन
बता दें कि सुखासन की मुद्रा में बैठने से आपके दिल पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता है, यह भी हाइपरटेंशन को दूर करने में बहुत कारगर है। इस आसन से शरीर और दिमाग को शांति और आराम मिलता है।

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सेतुबंधासन
पुल मुद्रा बनाने से भी रक्त का संचार ठीक होता है, जागरूकता बढ़ती है और तनाव भी दूर होता है। आपके घर में जिस किसी को भी हाइपरटेंशन बीमारी अपने घेरे में लिए हुए है तो तुरंत उन्हें ऊपर दिए गए आसन को करने की सलाह दें और खुद भी योग आसन जरूर करें ताकि आप कभी इस बीमारी के शिकार नहीं बन पाए और हमेशा स्वस्थ रहें।

भ्रामरी प्राणायम
भ्रामरी प्राणयाम भी रक्तचाप संबंधी रोगों को दूर करने में काफी सहायक होता है।

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