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Photo Icon अंचल के सबसे बड़े अस्पताल में घिनौना मजाक, घायल की नाजुक हालत थी फिर भी नहीं किया भर्ती

Updated: IST ramdulare baghel
जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में सड़क हादसे में घायल मरीज का इलाज करने से इनकार करते हुए डॉक्टर्स ने उसे निजी अस्पताल भेज दिया।

ग्वालियर। आप अपने किसी मरीज को लेकर अस्पताल में इस आस में जाते हैं कि डॉक्टर आपके मरीज का इलाज करेगा और जल्द से जल्द उसे ठीक कर आराम दिलाऐगा। लेकिन अंचल के सबसे बड़े सरकरी अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों के साथ अजीब खेल खेला जा रहा है। हालत ये है कि अस्पताल में डॉक्टर मौजूद तो हैं लेकिन वे इलाज करने से मना कर रहे हैं। भगवान से प्रार्थना करें की अपके घर-परिवार में रविवार के दिन किसी को अस्पातल जाने की जरुरत न पड़े क्योंकि रविवार को डॉक्टर साहब छुट्टी पर रहते हैां

जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में सड़क हादसे में घायल मरीज का इलाज करने से इनकार करते हुए डॉक्टर्स ने उसे निजी अस्पताल भेज दिया। रविवार-सोमवार की रात 12:30 बजे मुरैना निवासी 65 वर्षीय रामदुलारे को मुरैना जिला अस्पताल से जेएएच के लिए रैफर किया था। मरीज को निजी अस्पताल शिफ्ट किए जाने की शिकायत पीडि़त के बेटे बकील ने सहायक अधीक्षक से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मरीज को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।

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घायल रामदुलारे को 108 एम्बुलेंस अस्पताल लेकर पहुंची थी। ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति गंभीर बताते हुए कहा कि रविवार का अवकाश होने के कारण कोई चिकित्सक नहीं है, इसलिए मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाएं। चिकित्सकों ने मरीज को एम्बुलेंस से झांसी रोड स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल भेज दिया। यह आरोप रामदुलारे के बेटे बकील बघेल ने लगाया है। इस मामले को लेकर ट्रॉमा सेंटर के नोडल अधिकारी और आकस्मिक उपचार कक्ष के प्रभारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि आकस्मिक उपचार कक्ष में मरीज को लेकर आने वाली एम्बुलेंस का नम्बर और कर्मचारी का नाम अंकित किया जाए।

पलंग के नीचे पड़ी रही महिला
ट्रॉमा सेंटर में भर्ती एक लावारिस महिला पलंग ने नीचे गिर पड़ी, जिसे पलंग पर लेटाने और इलाज के लिए किसी को दया नहीं आई। चिकित्सकों ने भी उसे पलंग पर लेटाने का प्रयास नहीं किया। महिला घंटों पलंग के नीचे ही पड़ी रही। ट्रॉमा सेंटर के स्टाफ का कहना था कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है उसे पलंग पर लेटा दिया जाता है, लेकिन बार-बार नीचे गिर जाती है।महिला के पैर में प्लास्टर चढ़ा हुआ है।

मरीज के बेटे ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर से पिता को निजी अस्पताल भेज दिया था। शिकायत मिलने पर मरीज को दोबारा ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करा दिया है। साथ ही नोडल अधिकारी व आकस्मिक कक्ष के इंचार्ज से जबाव मांगा है।
डॉ. जितेन्द्र नरवरिया, सहायक अधीक्षक, जेएएच

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