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Photo Icon  इस महिला के साथ है 200 लोगों की टीम, जो एक कॉल पर आ जाते हैं ब्लड डोनेट करने

Updated: IST nitesh jain
उन्होंने सेवा कार्य 2008 से गरीब परिवारों की बेटियों को विवाह और असहाय बेसहारा परिवारों को आजीविका चलाने के लिए व्यवसाय की स्थापना के लिए आर्थिक मदद देने के काम से शुरू किया था।बाद में मदद देने वाले लोग बढ़ते गए तो नवजीवन सहायतार्थ संगठन बनाया। अब यह संगठन मुख्य रूप से जरूरतमंदों को नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराता है।

ग्वालियर। किसी के दर्द को अपना बनाओ तो कोई बात बने/किसी का बुझता चराग जलाओ तो कोई बात बने कुछ इसी तरर्ज पर भिण्ड की 35 वर्षीय युवा गृहणी नीतेश जैन नि:स्वार्थ समाज सेवा करती हैं। वे खून की कमी से जूझ रहे किसी व्यक्ति के लिए वह तमाम कोशिशे करतीं हैं , जो सामान्य आदमी सोच भी नहीं सकता।

उनके पास 200 से ज्यादा ऐसे स्वैच्छिक रक्तदाताओं की टीम है, जो 24 घन्टे एक टेलीफोन कॉल पर किसी भी जरूरतमंद को रक्त मुहैया करा देती हैं। गुजरे एक साल में लगभग 300 से ज्यादा महिलाओं को वह जीवनदान दे चुकी हैं। उनको इस पुनीत कार्य के लिए हाल में ही रोटरी इंटरनेशनल संस्था के द्वारा सम्मानित किया गया है।

नीतेश जैन बताती हैं, उन्होंने सेवा का यह कार्य 2008 से गरीब परिवारों की बेटियों को विवाह और असहाय बेसहारा परिवारों को आजीविका चलाने के लिए व्यवसाय की स्थापना के लिए आर्थिक मदद देने के काम से शुरू किया था। इसमें उनके परिवार और मित्रों ने भी सहयोग दिया।

लगभग एक दर्जन से ज्यादा परिवारों का इससे पुनर्वास हुआ और आधा दर्जन बेटियों के हाथ पीले हुए। बाद में मदद देने वाले लोग बढ़ते गए तो नवजीवन सहायतार्थ संगठन बनाया। अब यह संगठन मुख्य रूप से जरूरतमंदों को नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराता है। इस संस्था से करीब 20 लोग जुड़े हुए हैं। संस्था कहीं से किसी तरह की कोई आर्थिक सहायता या अनुदान नहीं लेती न ही औपचारिक रूप से पंजीकृत है।

नीतेश स्वयं और उनके कारोबारी पति अमित दोनों मिलकर अपने सेवा कार्यों को अंजाम देते हैं। स्वयं नीतेश जैन अब तक 4 बार तथा अमित 9 बार रक्तदान कर चुके हैं। नीतेश जैन बताती हैं, उन्हें परोपकार व समाजसेवा की प्रेरणा अपने पिता सुरेशचन्द्र जैन से मिली। ससुराल में आकर जब पति व श्वसुर आदि परिजनों ने उनकी भावनाओं को समझा तो वे सब भी सहयोग करने लगे।

नीतेश के ब्लड डॉनर क्लब में प्राय: सभी रक्त-समूहों के स्वैच्छिक रक्तदाता जुड़ें हैं। संगठन भिण्ड जिले के अलावा देश के अन्य चुनिंदा शहरों आगरा, दिल्ली, लखनऊ, मुंबई, ग्वालियर, इंदौर में भी जरूरतमंदों को स्थानीय स्तर पर खून उपलब्ध कराता है। नीतेश के अनुसार जब किसी लाभान्वित व्यक्ति का कृतज्ञता भरा अभिवादन मिलता है, तो अभिभूत हो जाती हूं। नीतेश के इस काम में उनकी 12 वर्षीय बेटी अंशिका तथा 8 वर्षीय बेटा निहाल भी खूब सहयोग करते हैं।

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