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बिजली कंपनी के मैनेजर चौहान घर में नगद रखते हैं सिर्फ 13 हजार पर कागजों में है करोड़ों की अवैध संपत्ति

Updated: IST Lokayukta police seized illegal assets worth crore
ग्वालियर.मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के डिप्टी जनरल मैनेजर सत्येन्द्र सिंह चौहान ने अपनी काली कमाई को वाइट मनी बनाने के लिए पत्नी का सहारा लिया। उसने पत्नी के नाम वाटर प्लांट और उसी के नाम एक और कंपनी बनाई,जिसमे उसने ब्लैक मनी को खपाया।

ग्वालियर. मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के डिप्टी जनरल मैनेजर सत्येन्द्र सिंह चौहान ने अपनी काली कमाई को वाइट मनी बनाने के लिए पत्नी का सहारा लिया। उसने पत्नी के नाम वाटर प्लांट और उसी के नाम एक और कंपनी बनाई, जिसमे उसने ब्लैक मनी को खपाया। छापामार कार्रवाई के दौरान टीम को संपत्ति, बैंक बैलेंस आदि के दस्तावेज मिले हैं। शाम तक उसके यहां मिले एलआईसी की पॉलिसियों, म्युचुअल फंड के संबंध में जांच पूरी नहीं हो सकी थी। टीम दो भागों में बंटी थी। एक उसके घर पर तलाशी ले रही थी तो दूसरी उसके वाटर प्लांट में दस्तावेज खंगाल रही थी।

ये थे टीम में शामिल : डीएसपी राजेश शर्मा, इंस्पेक्टर आलोक त्रिवेदी, शैलेन्द्र गोविल, अतुल सिंह, नरेन्द्र त्रिपाठी, मनीष शर्मा, शैलजा गुप्ता, पीके चतुर्वेदी, प्रधान आरक्षक इकबाल खान, विनोद छारी, सुनील क्षीरसागर, आरक्षक प्रमोद तोमर, राजेन्द्र सिंह, सतीश परिहार, महेश पाल, विनोद शाक्य, अंकेश शर्मा, अमर सिंह गिल, धीर नायक, बलवीर सिंह आदि।

रॉयल सन कंपनी के नाम से खरीद-फरोख्त : लोकायुक्त पुलिस को पता चला की चौहान ने अपनी पत्नी के नाम से एक और कंपनी रायल सन मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटड खोल रखी है। इसी कंपनी के जरिए वह जमीन की खरीद फरोख्त करता है। लोकायुक्त पुलिस को उसके घर से एक भी लॉकर की जानकारी नहीं मिली है।

ये मिली संपत्ति

कुल आठ गाडियां मिलीं, जिनमें एक बोलेरो, एक स्विफ्ट, तीन टाटा लोडिंग वाहन जो फैक्ट्री में चल रहे हैं। एक एक्टिवा तथा एक अन्य दो पहिया वाहन मिले हैं, जिनकी कीमत 11.90 लाख बताई गई है।

4.50 लाख रुपए का सोना, 300 ग्राम चांदी।

17 बैंक अकाउंट मिले हैं, जिसमें 4.68 लाख रुपए जमा हैं।

4.3 बीघा जमीन भारोली में।

37 लाख रुपए में खरीदी है सौंसा में तीन बीघा जमीन

56 लाख में खरीदा है द्वारकाधीश कॉलोनी का मकान ।

25 लाख रुपए में खरीदा भगवान कॉलोनी का मकान ।

13 हजार रुपए नकद मिले चौहान के घर से।

01 प्लॉट सिटी सेंटर व 1 प्लॉट अनुपम नगर में के दस्तावेज मिले।

विदेश यात्राएं भी कीं: डीजीएम चौहान ने थाइलैंड और श्रीलंका की यात्रा भी की है। वर्तमान में उनके बच्चे पढ़ रहे हैं, जिनमें से एक दिल्ली में पढ़ रहा है। जांच में बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी व्यय में जोड़ा जाएगा।

वाटर प्लांट की जानकारी छुपाई थी : डीजीएम चौहान के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस द्वारा की जा रही खुली जांच में पत्नी के नाम से चल रहे वाटर प्लांट की जानकारी छुपाई थी। लोकायुक्त पुलिस ने जब छापा मारा, तब इस प्लांट का पता चला। तीन मंजिला भवन में चलने वाले इस प्लांट में छापे के समय पानी की बॉटलिंग की जा रही थी। प्लांट की कीमत ही 50 लाख बताई गई है। यहां और कंपनियों के लिए बॉटल्स तैयार की जाती हैं। निर्मल नीर के नाम से यह प्लांट चल रहा था। इस प्लांट में 15 से 20 कर्मचारियों के काम करने की जानकारी मिली। प्रथम और द्वितीय तल पर कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था की गई है।

छापे के बाद परेशान हो गया चौहान: लोकायुक्त पुलिस ने जैसे ही चौहान के घर पर छापा मारा तो वह बैचेन हो गया। थोड़ी देर बाद वह सामान्य हुआ। कार्रवाई के समय उसकी पत्नी और परिवार के अन्य लोग भी मौजूद थे।

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