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Photo Icon भगवान शिव ने राजा को दिया था स्वप्न, फिर स्वयं प्रकट होकर खुलवाई थी यह गुफा 

Updated: IST lord shiva
जिले के दूरस्थ ग्राम बसई में बेतवा नदी के तट पर स्थित भैरारेश्वर महादेव मंदिर न केवल अंचल में आस्था का प्रतीक है बल्कि सिद्ध स्थानों में गिना जाता है।

ग्वालियर/दतिया। जिले के दूरस्थ ग्राम बसई में बेतवा नदी के तट पर स्थित भैरारेश्वर महादेव मंदिर न केवल अंचल में आस्था का प्रतीक है बल्कि सिद्ध स्थानों में गिना जाता है। मंदिर में भगवान शिव का प्राकृतिक शिवलिंग स्थापित है। शनि देव मंदिर सहित अन्य मंदिर भी यहां हैं। भैरारेश्वर घाट पर प्रतिवर्ष शिवरात्रि, श्रावण सोमवार सहित अन्य मौकों पर मेले का माहौल रहता है।

यह है मान्यता
बसई में भैरारेश्वर घाट पर विराजमान शिवलिंग की आस्था पूरे अंचल में हैं। पहाड़ के अंदर बनी गुफा में स्थित यह शिवलिंग चौमुख है।मंदिर के पुजारी राकेश समाधिया के अनुसार गुफा में विराजमान भगवान शिव का लिंग प्राकृतिक शिवलिंग है। शिवलिंग की स्थापना किसी ने नहीं कराई है। कहा जाता है कि भगवान शिव ने राजा को स्वप्न देकर गुफा में मौजूद होने की जानकारी दी थी। इसके बाद राजा ने गुफा का द्वार खुलवाया था।

संक्रांति-शिवरात्रि पर मेला
भैरारेश्वर महादेव मंदिर पर ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक होने की जह से यहां प्रतिवर्ष मकर संक्रांति एवं शिवरात्रि के अवसर पर मेले का आयोजन होता है। मेले में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच कर मंदिर से सट कर बहने वाली बेतवा नदी में स्नान करने के बाद पूजा-अर्चना करते हैं।

शिव भक्त चढ़ाते हैं कांवरें
भैरारेश्वर महादेव मंदिर अंचल में आस्था का प्रतीक होने की वजह से सावन के महीने में शिवभक्त यहां कांवर चढ़ाते हैं। इसके अलावा श्रावण सोमवार सहित पूरे सावन के महीने में यहां रूद्राभिषेक एवं अन्य धार्मिक आयोजन होत हैं।

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