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अवैध कामों में दोषी अधिकारी, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप से बच जाते हैं

Updated: IST univarsity meeting
यूनिवर्सिटियों में चपरासी से लेकर अधिकारी तक की नियुक्तियां पॉलिटीशियन दबाव बनाकर कराते हैं। फेल-पास का धंधा अपने चरम पर है।

ग्वालियर. यूनिवर्सिटियों में चपरासी से लेकर अधिकारी तक की नियुक्तियां पॉलिटीशियन दबाव बनाकर कराते हैं। फेल-पास का धंधा अपने चरम पर है। अवैध कामों में दोषी अधिकारी और कर्मचारियों पर जब कार्रवाई की जाती है, तो राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण वे बच जाते हैं। परीक्षाएं और रिजल्ट समय पर नहीं कराने से छात्रों की डिग्री एक से दो साल तक लेट हो रही है। ऐसे में वल्र्ड क्लास यूनिवर्सिटी की बात करना बीरबल की खिचड़ी की तरह है, जो कभी नहीं पक सकती।
यह बात जीवाजी यूनिवर्सिटी के टंडन सभागार में मंगलवार सुबह आयोजित समन्वय समिति की उपसमिति की बैठक में प्रदेश की 9 यूनिवर्सिटी से आए कुलपतियों ने कही। इससे पूर्व डीसीडीसी प्रो.डीडी अग्रवाल ने वल्र्ड क्लास यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव रखा। जिसमें उन्होंने यूजीसी की गाइडलाइन के तहत विदेशी यूनिवर्सिटी की तर्ज पर अपना प्रजेंटेशन दिया। जिस पर सभी कुलपति बिफर गए। उनका कहना था कि विवि और कॉलेजों में हजारों पद खाली पड़े हैं। रिसर्च के लिए पर्याप्त ग्रान्ट नहीं दी जा रही है, ऐसे में वल्र्ड क्लास यूनिवर्सिटी का सपना देखना बेकार है।
इन तथ्यों ने किया हैरान
1 विवि में शिक्षकों का कम्न्युकेशन बिगड़ा हुआ है। यूजी कोर्सों में छात्रों को पास होने के लाले पड़े हैं। वे कॉलेज संचालक और दलालों के माध्यम से पास होते हैं।
2 कुलपति को सचिव के आदेश मानने पड़ते हैं, ना मानो तो कार्रवाई की जाती है। ऐसे में दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना बड़ा कठिन है।
3 विवि में कुलपति अपने हिसाब से पद नहीं भर सकते। शासन स्तर पर आर्थिक सहायता न के बराबर है। प्रदेश के 80 प्रतिशत कॉलेज प्राचार्य विहीन हैं। रिसर्च फंड न के बराबर है।
चार अच्छे डिसीजन
1 विवि में इंटरनेशनल एमओयू साइन कराने के लिए ओडिनेंस बनाया गया है। इसमें शोधार्थी एक दूसरे के देश में जाकर वहां के प्रायोगिक कार्य की बारीकियां सीख सकेंगे।
2 स्किल डवलपमेंट और नैतिक शिक्षा के पाठ्यक्रम कोर्स में शामिल किए जाएंगे। छात्रों के रोजगार के लिए सभी विवि अपने यहां कॅरियर सेंटर के साथ कंसल्टेंसी सेंटर खोलेंगे।
3 स्ववित्तीय पाठ्यक्रमों को ऑटोनामी बनाया जाएगा। जिससे विवि अपने स्तर पर कोर्स का संचालन कर छात्रों को रोजगार उपलब्ध कराए। बाहरी हस्तक्षेप बंद होगा।
4 विवि के दीक्षांत समारोह में उपयोग होने वाली गणवेश को भारतीय परंपरा के हिसाब से डिजाइन किया जाएगा। फिलहाल यह विदेशी तर्ज पर उपयोग की जा रही है।
& मेरा मानना है कि वल्र्ड क्लास यूनिवर्सिटी के लिए हमें अभी दो से तीन बैठकें और करनी होगी। इस मामले पर बैठक में करीब ढाई घंटे बहस हुई। जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी है।
प्रो.संगीता शुक्ला, कुलपति, जीवाजी यूनिवर्सिटी
& विवि में जब तक रिसर्च कार्य बेहतर नहीं होगा, तब तक वल्र्ड क्लास यूनिवर्सिटी का सपना देखना बेकार है। हमारे प्लान बनाने से नहीं वरन शासन द्वारा अमल करने से काम होगा।
प्रो.एनएस धाकड़, कुलपति, डीएवी इंदौर
& प्रदेश की पुरानी यूनिवर्सिटी को वल्र्ड क्लास नहीं बनाया जा सकता है। क्योंकि इनमें तमाम अव्यवस्थाएं हैं। इसके लिए शासन को नए स्तर पर विवि खोलना होगा।
प्रो.एनसी गौतम, कुलपति, चित्रकूट यूनिवर्सिटी

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