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रात भर बेटे के इंतजार में सिंध नदी किनारे बैठे रहे माता-पिता : जानिए क्यो 

Updated: IST gwalior
रात भर सर्चिग के बाद सुबह कांटे की मदद से निकाला शव, तीन युवकों की मौत

ग्वालियर. शिवपुरी में जवान बेटे की मौत की खबर सुनकर पूरी तरह से टूट चुके माता-पिता आधी रात को मड़ीखेड़ा बांध को जाने वाले रास्ते की उस पुलिया पर इस इंतजार में बैठे हुए सुबक रहे थे कि कब उनके बेटे का शव पानी से बाहर आएगा। वहां मौजूद लोग भले ही उन्हें यह सांत्वना देते रहे कि शायद आपका बेटा जीवित मिल जाए, लेकिन वे बार-बार यही कह रहे थे कि जल्दी हमारे बेटे को पानी से बाहर निकाला जाए।

रात भर सर्चिंग के बाद भी शव नहीं मिला और गुरुवार की सुबह कांटे की मदद से तीसरे शव को बाहर निकाला जा सका। इस घटना में यह बात सामने आई कि शराब पीकर यदि वाहन नहीं चलाते तो तीनों युवकों की जान बच जाती। पुलिस ने इस मामले में जीवित बचे आरक्षक की शिकायत पर वाहन चला रहे आरक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

ये रहा घटनाक्रम

शहर के जवाहर कॉलोनी में रहने वाला अंकुर उर्फ आदेश पुत्र आरडी वंशकार (रिटायर्ड रेंजर) जो कि विदिशा जिले में पुलिस में आरक्षक के पद पर है। वह छुट्टी लेकर शिवपुरी आया था। बुधवार को आदेश अपने पड़ोसी मित्र मोनू पुत्र भगवान सिंह परिहार व चचेरे भाई अजय वंशकार (एसएएफ आरक्षक) व श्रीनिवास आदिवासी (एसएएफ आरक्षक) के साथ अपने बुलेरो वाहन में सवार होकर मगरौनी गया था। चूंकि श्रीनिवास की पोस्टिंग मगरौनी चौकी थी, तो इन चारों ने वहां पर जमकर शराब पी और फिर शराब के नशे में ही चारों वाहन में सवार होकर शिवपुरी के लिए चल दिए। रास्ते में भी इनके वाहन से दो स्थानों पर टक्कर लगी।

इनका वाहन मड़ीखेड़ा डैम निकला ही था कि कुछ दूरी पर बनी पुलिया पर असंतुलित होकर वाहन सीधे सिंध नदी में जा गिरा। वाहन करीब 10 फीट पानी में चला गया। पानी में वाहन गिरते ही ड्राइविंग कर रहे आदेश ने जैसे-तैसे गेट खोला और उसमें से बाहर निकला, उसके पीछे पास बैठा श्रीनिवास भी बाहर निकल गया। पीछे की सीट पर बैठा अजय भी खिड़की से बाहर आ गया, लेकिन मोनू अंदर ही फंसा रह गया। दुर्भाग्य यह रहा कि अजय व आदेश तैरना नहीं जानते थे, इसलिए उनकी पानी में डूबने से मौत हो गई, जबकि श्रीनिवास पानी में तैरकर बाहर आ गया। पानी से जब गाड़ी को बाहर निकाला तो उसमें बीयर की एक बोतल भी पड़ी मिली।

वाहन निकालने के फेर में टूटा रस्सा
पुलिया के नीचे सिंध नदी के पानी में वाहन गिरने की सूचना लगते ही सतनबाड़ा थाना प्रभारी जयसिंह ने मौके पर पहुंचकर पास में काम कर रही जलावर्धन योजना की पोकलेन मशीन को मौके पर बुलवाया। रस्से के सहारे जब वाहन को खींचा जा रहा था, तो एक बार रस्सा टूटने से बाहर निकला वाहन फिर पानी में चला गया।

दूसरी बार के प्रयास में जब वाहन निकला तो उसमें मोनू का शव पड़ा था जबकि आदेश व अजय का कोई सुराग नहीं लगा। बाद में अजय का शव तो निकल आया, लेकिन आदेश का शव गुरुवार सुबह 9 बजे कांटे की मदद से निकाला गया।

परिजनों के दुख में नजर आई नाराजगी
जो बोलेरो पानी में डूबी, वो आदेश वंशकार की थी। आदेश के पिता आरडी वंशकार व मां, रात लगभग 11 बजे उस पुलिया पर पहुंचे। उनके साथ एक बेटा भी अपने भाई की मौत की खबर से सदमे में बैठा रह गया।

बेटे की पानी में डूबने से हुई मौत की खबर मिलते ही मां, वहीं सड़क पर बैठ गई और कहा कि मेरे बेटे को कोई पानी से बाहर निकाल दो। पिता ने गुस्से में कहा कि मुझसे तो वो गाड़ी में काम करवाने की बात कहकर आया था, यदि मुझे ऐसा पता होता तो इसे घर पर ही मार देता।

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