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बिजली चोरी वाले मोहल्ले में अब बिना पहुंचे मिलेगी विद्युत रीडिंग

Updated: IST Power Theft
प्रदेश में सर्वाधिक बिजली चोरी से प्रभावित इलाकों में बिना जाए बिजली खपत जानी जा सकेगी। क्योंकि, भारतीय मानक ब्यूरो ने उस तकनीक को हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत बिजली चोरी और उसके प्रवाह की गुणवत्ता जानने विशेष सेंटर पर सूचना संग्रहित की जा सकेगी।

राजदेव पांडेय. ग्वालियर . प्रदेश में सर्वाधिक बिजली चोरी से प्रभावित इलाकों में बिना जाए बिजली खपत जानी जा सकेगी। क्योंकि, भारतीय मानक ब्यूरो ने उस तकनीक को हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत बिजली चोरी और उसके प्रवाह की गुणवत्ता जानने विशेष सेंटर पर सूचना संग्रहित की जा सकेगी। दरअसल मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी एक खास तकनीक से जब चाहे तब किसी भी क्षेत्र की रीडिंग का सामूहिक डाटा अपने किसी एक सेंटर पर ट्रांसफर कर सकेगी। भारतीय मानक ब्यूरो उस तकनीक व विशेष उपकरण को सत्यापित कर विशेष मार्क देगा। इसकी विश्वसनीयता बहाल रहेगी। बता दें ये तकनीक शहर में उच्चदाब उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं पर इस्तेमाल की जा रही है।
इस स्टैंडर्ड तकनीक से बिजली चोरी पकड़ी जा सकेगी। इस अंतरराष्ट्रीय तकनीक की सुविधा से विद्युत वितरण कंपनियां मैदानी अमले को हमले से भी बचा सकेंगी। इसके अलावा भारतीय मानक ब्यूरो संस्थान ने मध्यप्रदेश विद्युत प्रबंधन में लगने वाले ट्रांसफार्मर के लिए बीआईएस मार्क का सत्यापन अनिवार्य कर चुकी है। किसी भी तरह के ट्रांसफार्मर उत्पाद के लिए अब आईएसआई मार्क अनिवार्य हो जाएगा।

इधर गेहूं की सरकारी खरीद की बोरी पर भी आईएसआई मार्का
अब मध्यप्रदेश में जब भी गेहूं खरीदी की जाएगी। इसके लिए आवेन फैक्ट पौलीपैक बोरियां ही इस्तेमाल होंगी। इन बोरियों का स्टैंडर्ड भी बीआईएस ने तय किया है। इस तरह सरकारी खरीद और उसकी पैकिंग गुणवत्ता सुनिश्चित करने बीआईएस ने ये प्रभावी कदम उठाया है।

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