Patrika Hindi News

छात्रों के लिए अच्छी खबर, री-वैल्यूवेशन में पास हुए तो आपके पैसे वापस करेगी ये यूनिवर्सिटी 

Updated: IST jiwaji university
जीवाजी यूनिवर्सिटी से यूजी और पीजी की डिग्री करने वाले स्टूडेंट के लिए अच्छी खबर है। एटीकेटी आने या फेल हो जाने की दशा में री-वैल्यूवेशन कराने पर अगर परिणाम में अंतर आता है तो इस प्रोसिस की पूरी फीस जेयू छात्र को परिणाम आने के बाद वापस करेगा।

देवेन्द्र शर्मा @ ग्वालियर

जीवाजी यूनिवर्सिटी से यूजी और पीजी की डिग्री करने वाले स्टूडेंट के लिए अच्छी खबर है। एटीकेटी आने या फेल हो जाने की दशा में री-वैल्यूवेशन कराने पर अगर परिणाम में अंतर आता है तो इस प्रोसिस की पूरी फीस जेयू छात्र को परिणाम आने के बाद वापस करेगा। क्योंकि इसमें छात्र का कोई दोष नहीं होता।

परीक्षा नियंत्रक ने इस मामले में नए नियमों की फाइल बनाकर कुलपति प्रो.संगीता शुक्ला के पास मंजूरी के लिए भेज दिया है। यहां से अनुमति मिलने के बाद फाइल को अनुमोदन के लिए कार्यपरिषद में रखा जाएगा। यहां से अप्रूवल के बाद छात्रों को पेमेंट मिलना शुरू हो जाएगा। इस प्रोसिस में करीब एक माह का समय लगने की उम्मीद है।

अब तक यह व्यवस्था
वर्तमान में जो व्यवस्था लागू है उसमें छात्र से री-ओपनिंग के लिए 250 और री-टोटलिंग के लिए 100 रुपए लिए जाते हैं। परिणाम बदलने पर छात्र का पैसा वापस नहीं किया जाता है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2010 में बने री-वैल्यूवेशन के नियम के अनुसार परिणाम बदलने पर छात्र को पैसा लौटाने का प्रावधान था, लेकिन जेयू में इसे बंद कर दिया गया

न मिले आपत्ति का मौका
पूर्व परीक्षा नियंत्रक प्रो.डीडी अग्रवाल ने ढाई साल पूर्व यह नियम बनाया था कि छात्र को आरटीआई की कॉपी देने से पूर्व उसको चेक कराया जाए, ताकि बाद में छात्र को आपत्ति का मौका न मिले। इसके साथ ही री-ओपनिंग से पहले भी कॉपी को चेक कराने का नियम बना था, लेकिन बाद में परीक्षा नियंत्रकों ने इस नियम को बदल दिया।

नोटशीट भेजी है
"यदि कोई फेल छात्र बाद में री-टोटलिंग के दौरान पास हो जाता है तो नियम के अनुसार उसके पैसे वापस मिलने चाहिए, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में यह लागू नहीं है। नियम को बदलने के लिए लिए मैंने नोटशीट बनाकर कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के पास मंजूरी के लिए भेज दी है। यहां से अनुमति के बाद इसे अप्रूवल के लिए ईसी में भेजा जाएगा।"

डॉ. राकेश कुशवाह, परीक्षा नियंत्रक, जेयू

जेयू से संबद्ध कॉलेज: 450
छात्रों की संख्या: 4 लाख
प्रतिवर्ष पीडि़त छात्र : 10हजार

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???