Patrika Hindi News

> > > > viral fever attcked on children

बीमारियों की चपेट में आए बच्चे, 40 पलंग पर 115 का इलाज

Updated: IST civil hospital shivpuri
स्थिति यहां तक बिगड़ गई है कि न केवल अन्य खाली पड़े कमरों में बल्कि डेंगू वार्ड तक में सामान्य बीमारी के बच्चे भर्ती हैं।

ग्वालियर शिवपुरी मे लगातार बारिश के बाद तापमान बढऩे से मौसमी बीमारियों ने पैर पसार लिए हैं, जिसका सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल में 40 बैड के चिल्ड्रन वार्ड में 115 बच्चे भर्ती हैं।

स्थिति यहां तक बिगड़ गई है कि न केवल अन्य खाली पड़े कमरों में बल्कि डेंगू वार्ड तक में सामान्य बीमारी के बच्चे भर्ती हैं। डॉक्टरों को भी राउंड लगाने में 3 घंटे तक लग रहे हैं। खास बात यह है कि डेंगू वार्ड में सामान्य बच्चों का फोटो क्लिक होते ही, वो बोर्ड हटा दिया गया जिस पर डेंगू वार्ड लिखा था।

.वार्ड की गैलरी में एक मां अपने बीमार बच्चे के साथ लेटी हुई

गौरतलब है कि पिछले दिनों हुई बारिश के बाद पड़ रही तेज धूप के चलते जमीन के अंदर की नमी वाष्पीकृत हो रही है, जिससे उमस बढ़ गई है। डॉक्टर के मुताबिक ऐसे मौसम में न केवल मच्छरों की तादाद बढ़ जाती है, बल्कि बैक्टीरिया भी पूरी तरह से सक्रिय हो जाते हैं।

मेडिकल वार्ड की गैलरी में जमीन पर लेटकर व बॉक्स पर बैठकर बोतल चढ़वाते मरीज।

यही वजह है कि बच्चों में इन दिनों निमोनिया, बुखार व सर्दी-जुकाम तेजी से फैल रहा है। जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में 40 बैड हैं, जिनमें एक पलंग पर दो से तीन बच्चे भर्ती हैं। बावजूद इसके कुछ बच्चों के अभिभावक गैलरी में लिटाकर इलाज करवा रहे हैं तो कुछ बच्चों को डेंगू वार्ड में भर्ती करा दिया गया।

गुरुवार को जब पत्रिका टीम ने डेंगू वार्ड में बच्चों की भीड़ देखी तो ऐसा लगा कि मानो जिले में इतने अधिक बच्चे इस जानलेवा बीमारी के चिह्नित किए गए। पूछने पर एक बच्चे की मां ने बताया कि हमारे बच्चे को बुखार आ रहा है, उसे क्या है, यह तो डॉक्टर भी नहीं बता रहे।

बाद में जब ड्यूटी नर्स से पूछा तो उन्होंने बताया कि अस्पताल में डेंगू वार्ड तो तैयार कर लिया गया है, लेकिन अभी तक कोई डेंगू का मरीज नहीं मिला है, इसलिए उसमें बच्चों को भर्ती कर दिया है। क्योंकि इन दिनों बीमार होने वाले बच्चों की संख्या इतनी अधिक बढ़ गई है कि उन्हें जगह मिलना मुश्किल हो रहा है।

यह दी शिशु रोग विशेषज्ञ ने सलाह
इन दिनों बैैक्टीरिया व मच्छर पूरी तरह से सक्रिय हैं। यह ध्यान रखा जाए कि बच्चा यदि गर्मी व पसीने में आया है तो उसे एकदम ठंडा पानी या ठंडी हवा में न बिठाया जाए। क्योंकि उसे सर्द गर्म होकर निमोनिया हो सकता है। साथ ही मच्छरों से बच्चों का बचाव किया जाए, क्योंकि बुखार के साथ मलेरिया भी निकल रहा है।
डॉ. आरएस गुप्ता, शिशु रोग विशेषज्ञजिला अस्पताल शिवपुरी

मेडिकल वार्ड में भी हालत खराब
जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भी मौसमी बीमारियों का असर स्पष्ट नजर आ रहा है। सभी पलंग न केवल मरीजों से भरे हुए हैं, बल्कि मरीजों को गैलरी में लेटकर व सामग्री के बॉक्स पर बैठकर बोतल चढ़वाना पड़ रही है।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे