Patrika Hindi News

Video Icon  न्सायक्लोपीडिया है यह वंडर गर्ल, मिलकर आप भी रह जाएंगे हैरान

Updated: IST asia wonder
दुनिया के सात अजूबों को तो आपने खूब देखा होगा, उनके बारे में सुना होगा, लेकिन हम आपको आज एक ऐसे अजूबे से रूबरू कराने जा रहे हंै, जिसे देख आप हैरान रह जाएंगे।

ग्वालियर। दुनिया के सात अजूबों को तो आपने खूब देखा होगा, उनके बारे में सुना होगा, लेकिन हम आपको आज एक ऐसे अजूबे से रूबरू कराने जा रहे हंै, जिसे देख आप हैरान रह जाएंगे। वो दिखने में साधारण सी लगती है, मगर उसका हुनर आपको चौंका देगा। श्योपुर के छोटे से गांव सहसापुर की कुलदीप यादव अपने आप में अजूबा है।

एक ऐसी बच्ची जिससे मिलने के बाद आप पक्का उसे वंडर गर्ल कहे बिना नहीं रह सकेंगे। दूसरी कक्षा में पढऩे वाली सात साल की कुलदीप असल में ज्ञान का भंडार है। उसे हम मिनी इनसायक्लोपीडिया कहें तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। देश-दुनिया की इतनी जानकारियां उसे मुंह जबानी याद हैं कि आप सुनकर चौंक जाएंगे।

एक सांस में पूरे भारत का भूगोल
कुलदीप एक सांस में भारत के पूरा भूगोल बयां कर देती है। भारत के पड़ोसी राज्य और उनकी भौगोलिक स्थिति, 29 राज्यों की राजधानी और उकने मुख्यमंत्री-राज्यपाल के नाम उसे मुंहजुबानी इस कदर रटे हैं कि वो इन्हें सुनाने में संास भी नहीं लेती।

यहां देखें वीडियों :Image may contain: 1 person, text

प्रदेश के सभी संभागों और उनमें आने वाले जिलों के नाम उसके दिमाग में ऐसे फीड हैं, जैसे उसका दिमाग नहीं सुपर कम्प्यूटर हो। मुमकिन है कुलदीप से मिले बिना उसके इस हुनर पर यकीन करना आसान न हो। मगर बच्ची सच में अजूबा है, वरना इतनी जानकारियां याद करना और एक सांस में सुनाना आसान नहीं।

नेहरू से मोदी तक एक बार में
भारत के पहले प्रधानमंत्री पं जवाहरलाल नेहरू से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हों या फिर प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद से लेकर वर्तमान में प्रणब मुखर्जी हों। कुलदीप को हर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम उनके पदग्रहण के सही क्रम उनका कार्यकाल याद है। किसी पढ़़े लिखे को भी एक बार सारे नाम सोचने में वक्त लगे, लेकिन वंडर गर्ल बिना हिचके और सोचेे सारे नाम कार्यकाल के साथ बताती है।

प्रधानमंत्री बनना चाहती है कुलदीप
चाय का ठेला लगाने वाले पिता की पांच बेटियों में से दूसरे नंबर की बेटी कुलदीप अपनी इस काबिलियत का श्रेय अपने दादा मुन्नालाल यादव को देती है। ६८ वर्षीय मुन्ना लाल कहते हैं कि इसे जो भी एक बार बता तो याद हो जाता है। दादा के मुंह से प्रशंसा सुनकर कुलदीप की आंखों में खुशी दौड़ जाती है। नन्ही वंडर गर्ल के इस हुनर के साथ ही है, उसके सपने भी बहुत बड़े हैं। कुपोषण की मार झेल रहे श्योपुर जैसे छोटे जिले के एक छोटे से गांव से आने वाली कुलदीप बड़ी होकर प्रधानमंत्री बनना चाहती हैं। हालांकि उसे यह नहीं पता कि प्रधानमंत्री करता क्या है लेकिन सपने यही हैं कि अंग्रेजी पढ़े और दिल्ली जाए।

इतना पैसा भी नहीं कि किताबें खरीद सकें
कुलदीप के दादा मुन्नलाल बताते हैं कि वो अखबार मेें जो भी पढ़ते हैं उसे अपनी पोती बताते हैं। इतने पैसे तो हैं नहीं कि नई किताबें खरीद सकें लेकिन अखबारों से और सुनकर जो कुछ जान पाते हैं पोती को सिखाते हैं। पत्रिका अखबार का बहुत बड़ा योगदान है। उनके गांव में पत्रिका आता है और वो खुद पत्रिका से पढ़कर बच्ची को याद कराते हैं। 68 साल के मुन्नालाल कहते हैं कि मुझे खाना मिले या न मिले लेकिन अखबार मिलना चाहिए। श्योपुर से आई इस वंडर गर्ल ने पत्रिका के स्थानीय संपादक प्रदीप पांडेय के साथ फेसबुक पेज पर लाइव किया और अपने याददाश्त की बानगी दी। 20 मार्च को पत्रिका समूह के बिटिया एट वर्कप्लेस के मौके पर पहुंची कुलदीप को स्थानीय संपादक प्रदीप पांडेय ने सम्मानित भी किया।

यह भी पढ़े :
विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं? निःशुल्क रजिस्टर करें ! - BharatMatrimony
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???