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Aids Day :   इनके हौंसलों ने सिखाया है कि एड्स के बाद भी है जिंदगी

Updated: IST worlds aids day
एड्स जानलेवा बीमारी है। यह सभी जानते हैं। शहर के एड्स पीडि़तों को भी जब यह मालूम हुआ कि उन्हें एड्स है, तो कुछ समय के लिए उनके आंखों के सामने अंधेरा छा गया, लेकिन अपने परिवार को देखकर उन्होंने अपने आपको संभाला और अपने हौसले के दम पर आज अपनी जिंदगी की जंग जीत रहे हैं।

ग्वालियर। एड्स जानलेवा बीमारी है। यह सभी जानते हैं। शहर के एड्स पीडि़तों को भी जब यह मालूम हुआ कि उन्हें एड्स है, तो कुछ समय के लिए उनके आंखों के सामने अंधेरा छा गया, लेकिन अपने परिवार को देखकर उन्होंने अपने आपको संभाला और अपने हौसले के दम पर आज अपनी जिंदगी की जंग जीत रहे हैं।

इस बात का उन्हें दुख है कि शायद आने वाला कल उनका न हो, फिरभी वह जो समय बचा है उसमें कुछ अच्छा करके जाना चाहते हैं। वल्र्ड एड्स दिवस के अवसर पर पत्रिका प्लस की पेशेंट से बातचीत।

एड्स के चल रही फाइट
एक प्राइवेट फर्म में एकाउंटेंट की नौकरी कर रहे विनीत (काल्पनिक नाम) को ढाई साल पहले एड्स होने का पता चला। उनकी शादी को तब डेढ़ साल ही हुए थे। उस समय बेटी तीन माह की थी। काफी समय तक उन्होंने इस बात को अपनी पत्नी से शेयर नहीं किया। आखिरकार एक दिन उन्होंने वाइफ को बताया।

उसका मन हल्का हुआ और उसने जज्बे के साथ चार साल का गोल तैयार किया। डॉक्टर का ट्रीटमेंट चल रहा है। उनका यह मानना है कि मेरे कुल चार साल का समय है, जिसमें से ढाई साल बीत चुके हैं। वह इस बचे समय में अपना गोल एचीव करेंगे।

एड्स को इन्होंने दी मात
शहर में रहने वाले आशीष (काल्पनिक नाम) एक निजी कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें कुछ समय पहले फीवर और लूज मोशन हुए। चेकअप कराया कुछ भी नहीं निकला। इसके बाद डॉक्टर से दवा ली। ठीक हो गए। कुछ समय बाद फिर वही दिक्कत हुई। इस पर डॉ. ने कुछ और चेकअप कराए, तब उनका एड्स पॉजिटिव निकला। इस पर वह प्रॉपर ट्रीटमेंट ले रहे हैं। उनका सपना इंजीनियर बनने का है। इसके लिए वह कंसनट्रेट हैं। अभी तक कई इंटरव्यू वह फेस कर चुके हैं।

अवेयरनेस के लिए आगे आईं एनजीओ

एड्स जानलेवा बीमारी है, जिसका कोई इलाज नहीं है। जागरुकता ही इसका बचाव है। इस गंभीर बीमारी से निपटने के लिए शहर की एनजीओ ने कमर कस ली है। वह अपने-अपने स्तर से शहर के विभिन्न कोनों पर पहुंचकर लोगों को अवेयर कर रहे हैं। इसमें शासन की ओर से एनजीओ हैं और कुछ सामाजिक संस्थाएं भी इस दिशा में काम कर रही हैं।

फैमिली प्लानिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया- गोले का मंदिर, कम्पू, फूलबाग, ट्रांसपोर्ट नगर में सेंटर हैं। एफपीएआई द्वारा समय-समय पर कैंप, नुक्कड़ नाटक, सेमिनार कंडक्ट कराए जाते हैं।

आदर्श समाज सेवा शिक्षा समिति- समिति द्वारा रेड लाइट एरिया में पहुंचकर काउंसलिंग की जाती है। उनका चेकअप किया जाता है और एड्स पॉजिटिव निकलने पर उनका इलाज कराया जाता है।

संकल्प समाजसेवी संस्था- संस्था द्वारा समय-समय पर चेकअप कैंप, नुक्कड़ नाटक, जागरुकता रैली व सेमिनार कंडक्ट कराए जाते हैं। साल भर में यह प्रोग्राम 20 से अधिक होते हैं।

आज यहां होंगे आयोजन
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से गुरुवार को सुबह 8 बजे थीम रोड स्थित फ्लैग पॉइंट से जागरुकता रैली की शुरुआत होगी। यह रैली अचलेश्वर मंदिर, हाईकोर्ट, दाल बाजार होते हुए माधव डिस्पेंसरी पर समाप्त होगी।

आदर्श समाज सेवा शिक्षा समिति द्वारा गुरुवार दोपहर 12 बजे मानस भवन में जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसमें मुख्य अतिथि पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता उपस्थित रहेंगी।

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