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सड़कों पर कांवरियों की लंबी कतार, तो शिवालयों में हर हर महादेव

Updated: IST hardoi
हरदोई मेंसावन के पावन महीने में लगातार भक्तों का शिवमंदिरों में आना जारी है। सुबह से लेकर शाम तक शिव मंदिरों में हर हर महादेव के जयकारों के साथ शंख और घड़ियाल खूब गंजते रहते हैं।

हरदोई. सावन के पावन महीने में लगातार भक्तों का शिवमंदिरों में आना जारी है। सुबह से लेकर शाम तक शिव मंदिरों में हर हर महादेव के जयकारों के साथ शंख और घड़ियाल खूब गंजते रहते हैं। सुबह से ही शिव भक्तों का मंदिरों में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है और यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहता है। भक्त परंपरागत ढंग से पूरे विधि विधान के साथ भगवान शिव का पूजन अर्चन करने के साथ ही अभिषेक करते हैं। बड़ी संख्या में भक्त आचार्यों के माध्यम से मंदिरों एवं घरों में भगवान शिव का वैदिक रीति नीति के अनुसार मंत्रोच्चारण के बीच अभिषेक करते हैं। लोगों की आस्था एवं श्रृद्घा का प्रतीक सावन महीने में जिले भर के मंदिरों में उत्सव सा माहौल रहता है।

मंदिरों में गूज रहा है बम-बम भोले

जिले के प्राचीन शिवालयों में मेले जैसा माहौल रहता है। आनंद सिनेमा के निकट स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर व जिला अस्पताल चौराहा स्थित मौनी बाबा मंदिर, नुमाइश चौराहा स्थित शिवभोले मंदिर छोटा चौराहा स्थित शिव मंदिर, बड़ा चौराहा स्थित मंदिर में शिव भक्त गंगा जल, दूध इत्यादि से भगवान शिव का अभिषेक करते हैं और जमकर जयकारे लगाते हैं। इसके साथ ही सांडी रोड स्थित बाबा मनकामेश्वर नाथ मंदिर, सदर बाजार स्थित बाबा तुरंतनाथ मंदिर सहित शहर स्थित अन्य शिवालयों एवं नयागांव स्थित भोलेनाथ के मंदिर पर भक्तों की खासी भीड़ उमड़ती है। बड़ी संख्या में भक्त पुष्प, दूध, घी, बेलपत्र, भांग, धतूरा और मौसमी फल आदि पूजन सामग्री के साथ भोलेनाथ की पूजा अर्चना करते हैं। भक्तों को पूजन सामग्री के लिए इधर उधर न भटकना पड़े इसके लिए मंदिरों के बाहर पूजन सामग्री विक्रेताओं ने स्टाल लगा रखे हैं। हालांकि ज्यादातर भक्त पूजन सामग्री आदि घर से अपने साथ लेकर आते हैं और जो लोग फूल आदि नहीं ला पाते हैं वे स्टालों से खरीददारी करने के बाद पूजन करते हैं।

नियम संयम से पूरी होती मनोकामनाएं

आचार्य अशोक शास्त्री ने बताया कि सावन माह भर जो लोग नियम संयम का पालन करते हुए प्रेम पूवर्क भोले नाथ की पूजा अर्चना करते हैं। उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मान्यता है कि सावन में साधना करने वालों को भोलेनाथ की असीम कृपा की प्राप्ति होती है। कुछ भक्त तो सावन के माह भर अन्न का त्याग कर साधना करते हैं, जबकि उत्साही भक्त तो पैदल यात्रा में कांवर लेकर चलते हैं।

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