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ऐसे जानें आपके बेबी को दूध से एलर्जी तो नहीं?

Updated: IST Brest feeding
दूध में मौजूद लेक्टो एल्बूमिन तत्व से दो साल से कम उम्र के बच्चों को त्वचा रोग, सांस लेने में परेशानी, पाचन में गड़बड़ी और पेट दर्द आदि की समस्या होती है। कई बच्चों को यह एलर्जी 4 साल की उम्र तक परेशान कर सकती है।

दूध बच्चों के विकास के लिए सर्वोत्तम माना जाता है लेकिन 2-3 प्रतिशत बच्चों को गाय का दूध पीने से एलर्जी होती है। दूध में मौजूद लेक्टो एल्बूमिन तत्व से दो साल से कम उम्र के बच्चों को त्वचा रोग, सांस लेने में परेशानी, पाचन में गड़बड़ी और पेट दर्द आदि की समस्या होती है। कई बच्चों को यह एलर्जी 4 साल की उम्र तक परेशान कर सकती है।

ये हैं लक्षण
ऐसे बच्चों को मां के दूध से कोई दिक्कत नहीं होती लेकिन गाय का दूध देने पर बच्चे के पेट में मरोड़, उल्टी और डायरिया जैसी समस्याएं होती हैं। मां की डाइट में गाय का दूध शामिल होने से भी बच्चे को यह एलर्जी हो सकती है। गंभीर एलर्जी से ग्रस्त शिशु को एनाफिलेक्सिस रोग हो जाता है। इसमें दूध पीते ही शिशु के चेहरे व जीभ पर सूजन, सांस लेने में दिक्कत और शरीर पर लाल दाने होने लगते हैं।

उपचार व सावधानी
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक शर्मा के मुताबिक इस एलर्जी की जांच चैलेंज टेस्ट से होती है। इसमें बच्चे को दूध देना बंद कर देते हैं। बच्चे के सामान्य होने पर उसे दोबारा दूध देते हैं। दूध छोडऩे पर अगर बच्चा ठीक हो जाता है और दूध देने पर दो से तीन दिन में फिर लक्षण दिखते हैं तो बच्चे को दूध से एलर्जी का पता चल जाता है। ऐसे बच्चों को कम से कम 2 साल तक गाय का दूध नहीं देना चाहिए। उसके बाद बच्चा एलर्जी से लडऩा सीख जाता है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक गुप्ता के अनुसार इसके लक्षण सामान्य बीमारी जैसे होने के कारण माता-पिता को इसका पता नहीं चल पाता है। सही समय पर इलाज ना कराने पर यह एलर्जी घातक हो सकती है।

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