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मस्तिष्क में रक्त प्रवाह की कमी हार्ट अटैक को आमंत्रण

Updated: IST
जिन मरीजों के ब्रेन में रक्त प्रवाह कम रहा उनमें हार्ट अटैक का जोखिम 22 प्रतिशत रहा।

न्यूयार्क। एक नए शोध में पता चला है कि जिन रोगियों के मस्तिष्क के पिछले हिस्से में रक्त प्रवाह कम रहता है उन्हें बार-बार दिल का दौरा पड़ने का खतरा अधिक रहता है। यह निष्कर्ष छह वर्षो तक किए गए शोध से मिला है।

अमरीका के इलिनॉयस विश्वविद्यालय में चिकित्सा विज्ञान विभाग में न्यूरो सर्जरी के प्राध्यापक एवं प्रमुख शोधकर्ता सेपिडेह अमीन-हंजानी ने बताया कि शोध में हमने पाया कि जिन रोगियों के मस्तिष्क में रक्त प्रवाह कम रहा उनमें शुरूआती 12 महीनों में बार-बार दिल का दौरा पड़ने का जोखिम 22 प्रतिशत रहा। जबकि अन्य रोगियों में यह जोखिम मात्र चार प्रतिशत पाया गया। अगर 24 महीने की अवधि में देखें तो यह जोखिम बढ़कर 30 प्रतिशत हो गया।

मस्तिष्क के पिछले हिस्से में रक्त प्रवाहित करने वाली नलिकाओं के अवरूद्ध होने की समस्या को वीबीडी के नाम से जाना जाता है तथा इस समस्या से ग्रस्त रोगियों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। वीबीडी से ग्रस्त रोगियों में बार-बार ह्वदयाघात के जोखिम के अन्य कारण भी हो सकते हैं।

विशेष सॉफ्टवेयर भी विकसित किया गया

अनुसंधानकर्ताओं ने इसके लिए स्टैंडर्ड मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग तकनीक का उपयोग कर रक्त प्रवाह का पता लगाने के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर भी विकसित किया है। ह ंजानी ने कहा कि हमारा वास्तविक उद्देश्य प्रत्येक मरीज के लिए सर्वाधिक प्रभावी उपचार का पता लगाना है। इस शोध को इंटरनेशनल स्ट्रोक कॉनफ्रेंस में प्रस्तुत किया गया।

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