Patrika Hindi News

> > > > Diwyangon certificate shall prevail in the country

देशभर में सर्वमान्य होगा दिव्यांगों का प्रमाण पत्र

Updated: IST Diwyangon certificate
दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्र को देशभर में सर्वमान्य बनाने के लिए यूडीआईडी बनाने का कार्य शुरू किया गया है

चंडीगढ़। दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्र को देशभर में सर्वमान्य बनाने के लिए यूडीआईडी बनाने का कार्य शुरू किया गया है। इसके अतिरिक्त, कौशल विकास के अंतर्गत वर्ष 2018 तक 5 लाख तथा वर्ष 2022 तक 25 लाख दिव्यांगों का कौशल विकास किया जाएगा, जिनमें से अब तक 44 हजार दिव्यांगों का कौशल विकास किया जा चुका है। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अन्तर्गत मुख्य आयुक्त, दिव्यांगजन डा० कमलेश कुमार पाण्डेय ने आज यहां आयोजित प्रैस वार्ता में यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा मुख्य आयुक्त, दिव्यांगजन की नियुक्ति नि:शक्त व्यक्ति (समान अवसर, अधिकार संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 के अन्तर्गत 1998 में की गई थी। डॉ.पाण्डेय ने बताया कि निशक्त व्यक्ति अधिकार विधेयक, 2014 के पारित होने के बाद दिव्यांगों के प्रकार 7 से 19 हो जाएंगे और उनको सरकारी सेवाओं में मिलने वाले आरक्षण का प्रतिशत 3 से बढक़र 5 प्रतिशत हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि सभी दिव्यांगों को न्याय सुलभ हो, इसके लिए मोबाइल कोर्ट लगाने की शुरुआत की गई है। अब तक 18 राज्यों नामत: सिक्किम, झारखंड, मिजोरम, मेघालय, तमिलनाडु, त्रिपुरा, केरल, बंगाल, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, चंडीगढ़, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के सुदुर अंचलों में 33 मोबाइल कोर्ट लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्य आयुक्त कार्यालय को इसकी स्थापना (वर्ष 1998) से 31 अगस्त, 2016 तक 32,927 शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिनमें से 31507 का निपटारा हो चुका है। इस कार्यालय में फरवरी में शुरू की गई ई-मेल सुविधा के कारण सात माह में 1189 शिकायतें ई-मेल से प्राप्त हुई हैं।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को सपने भारत मैट्रीमोनी से साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!

Latest Videos from Patrika

Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???