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मंडी के शेडों पर व्यापारियों ने किया कब्जा

Updated: IST Hoshangabad,Agricultural Produce Market, Record, R
बगैर किराया चुकाए मंडी के शेडों में व्यापारियों ने रखा है माल, बीते साल मंडी सचिव ने नोटिस जारी कर हटवाया था

हरदा. गेहूं की अच्छी आवक से कृषि उपज मंडी परिसर के शेड इन दिनों भरे हुए हैं। लेकिन मंडी समिति को इससे कोई फायदा नहीं हो रहा। दरअसल यह रिकार्ड में नहीं होने से समिति को नियमानुसार मिलने वाला किराया नहीं मिल रहा।
ज्ञात हो कि बीते साल 31 मार्च को तत्कालीन मंडी सचिव केडी अग्निहोत्री ने सात व्यापारियों को नोटिस जारी कर शेडों में रखा हजारों क्विंटल माल हटाने के निर्देश दिए थे। इसके कुछ दिन बाद व्यापारियों ने नोटिस पर विरोध दर्ज कराते हुए 5 अप्रैल को आधे दिन की खरीदी बंद भी की थी। इस साल सीजन चालू होने के साथ ही शेड्स गेहूं सहित अन्य उपज के बोरों से भरे पड़े हैं। लेकिन मंडी समिति के पास इसका कोई रिकार्ड नहीं। कर्मचारियों से इस संबंध में पूछे जाने पर वे बगलें झांकने लगते हैं। मंडी सूत्रों के अनुसार नियमानुसार बगैर किराया चुकाए शेडों में अनाज 24 घंटे से ज्यादा नहीं रखा जा सकता। इसके उलट चार व्यापारियों का अनाज मंडी में अब भी रखा है। वहीं व्यापारी रेलवे रैक समय पर न मिलने से इसे शेड में सहेजकर रखते हैं। यहीं से इन्हें ट्रकों में लादकर रैक पाइंट पर ले जाया जाता है।
मुझे जानकारी नहीं है, देखती हूं
इस संबंध में मंडी सचिव प्रवीण चौधरी से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि व्यापारी रैक पाइंट पर गेहूं ले जाने के लिए शेडों में रखते हैं। अनुमति के सवाल पर चौधरी का कहना है कि यह किसी को किराए पर नहीं दिए गए। यह पता कराया जाएगा कि कितने व्यापारियों का माल शेड्स में रखा है।

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