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हॉकी मैच के पहले क्या होता है इस मैदान में...जानने के लिए पढ़े ये खबर

Updated: IST What happens in the field before the hockey match
-ग्राउंड में पानी भरकर पता करते हैं कहां है गड्ढ़े, फिर शुरू होता है लेवलिंग का काम। -ग्राउंड को हॉकी के लिए तैयार करने में लगेंगे पन्द्रह दिन। -देश भर से आएंगी नामचीन टीमें, खिलाड़ी दिखाएंगे स्टिक का जादू।

इटारसी. गांधी स्टेडियम में 26 मार्च से अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता का शुरू होगी। हॉकी के रोमांच से से पहले ग्राउंड को प्रतियोगिता के लिए तैयार करना भी एक चुनौती है। गांधी स्टेडियम के मैदान में रात भर पानी भर दिया जाता है। अगले दिन सुबह आकर देखते हैं, जहां पानी भरा रहता है समझो वहां गड्ढ़ा है। इसके बाद शुरू होता है उस एरिया को लेवल करने का काम। इसी तरह लगातार रोज रात को ग्राउंड में पानी भरकर अगले दिन लेवलिंग का काम किया जाता है। वर्तमान में टर्फ ग्राउंड (आर्टिफिसियल घास का मैदान) में हॉकी खेली जाती है। जबकि मिट्टी वाले ग्राउंड को 'चट ग्राउंडÓ कहा जाता है।

ग्राउंड में झाडू लगाकर हटाते हैं छोटे-छोटे पत्थर

हॉकी प्रतियोगिता के लिए ग्राउंड में प्रतियोगिता के पहले और हर मैच के पहले झाडू लगाकर एक-एक पत्थर हटाया जाता है। वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी कन्हैया गुरयानी ने बताया कि ग्राउंड समतल होना चाहिए। इसमें एक भी पत्थर खतरनाक हो सकता है।

रोलर और लाइनिंग का काम

ग्राउंड को समतल बनाने के बाद रोलर चलवाया जाएगा। जिससे मिट्टी नहीं ंउखड़े। इसे बाद हॉकी के लिए ग्राउंड में लाइनिंग और नियमानुसार गोल पोस्ट सहित अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी। यह सभी काम जिला हॉकी संघ की तकनीकि टीम की देखरेख में किया जाता है।

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