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बहुत जल्द पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों को अर्थशास्त्र का गुर सिखाएंगे पूर्व पीएम मनमोहन सिंह 

Updated: IST ex pm manmohan singh will be teaching soon
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कुछ समय पूर्व एक पत्र लिखकर बहुत ही साफगोई से लाभ के पद से संबंधित संसदीय समिति से पूछा था कि क्या शिक्षण कार्य से संबंधित नौकरी को लाभ के पद के दायरे में माना जाएगा?

नई दिल्ली. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बहुत जल्द पंजाब विश्वविद्यालय लौटेंगे और वहां पर छात्रों को अर्थशास्त्र के आधुनिकतम गुर सिखाएंगे। साथ ही छात्रों को भी उनके लंबे अनुभवों से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। इस बात की संभावना को बल उस समय मिला जब गुरुवार को लाभ के पद से संबंधित संसदीय समिति ने यह निर्णय लिया कि सांसद रहते हुए अस्थायी शिक्षण से संबंधित कार्यों को लाभ के पद के दायरे में नहीं माना जा सकता।

अप्रैल में पंजाब यूनिवर्सिटी ने की थी घोषणा
पंजाब यूनिवर्सिटी ने इस बात की घोषणा अप्रैल, 2016 में ही कर दी थी कि पूर्व पीएम मनमोहन यूनिवर्सिटी में लंबे अरसे से खाली पड़े जवाहर लाल नेरूह चेयर को हेड करेंगे। यूनिवर्सिटी के इस ऑफर को उन्होंने स्वीकार कर लिया था।

शिक्षक की नौकरी लाभ का पद तो नहीं
पंजाब यूनिवर्सिटी से शिक्षण कार्य का ऑफर मिलने के बाद पूर्व पीएम ने लाभ के पद से संबंधित समिति से यह पूछा था कि कहीं शिक्षण कार्य लाभ का पद तो नहीं? इस समिति के हेड व भाजपा के पूर्व सांसद सत्यपाल सिंह ने इस बात का खुलासा करते हुए कहा कि ये बात सही है कि राज्यसभा से सांसद व पूर्व पीएम ने समिति से इस बात की जानकारी चाही है। उनके अनुरोध पर इस बारे में पैनल ने एचआरडी और लॉ मिनिस्ट्री से सलाह मांगी थी। इस बारे में लिखित में जवाब मिलने पर कमेटी की गुरुवार को बैठक हुई और उन्होंने इस बाबत अंतिम फैसला लिया कि शिक्षक की नौकरी को लाभ का पद नहीं माना जा सकता। समिति ने कहा कि शिक्षण के इस काम के बदले सिंह को प्रतिदिन 5,000 रुपए भत्ते के रूप में प्राप्त करेंगे। यह कोई स्थायी सेलरी नहीं है। न ही उनका पद स्थायी है। इसलिए यह काम लाभ के पद के दायरे में नहीं आयेगा।

सोनिया गांधी को देना पड़ा था इस्तीफा
लाभ के पद से संबंधित विवाद को लेकर ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को वर्ष 2006 में बरेली संसदीय सीट की सदस्यता से इस्तीफा देना पड़ा था। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी असम से वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं।

पीयू के छात्र व प्रोफेसर रह चुके हैं सिंह
पूर्व पीएम सिंह पंजाब यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में 1954 में एमए किया था। 1957 में उन्होंने यहां पर प्रवक्ता के रूप में नौकरी की शुरुआत की। 1963 में यहीं पर प्रोफेसर बने। उसके बाद देश और दुनिया में अहम ओहदों पर रहे। वह आरबीआई के गवर्नर भी रहे और दस साल तक देश के प्रधानमंत्री भी रहे। और अब फिर से पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रों को अर्थशास्त्र पढाएंगे।

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