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घाटी में हिंसा PAK के पैसों से, NIA ने शुरू की जांच 

Updated: IST Hurriyat leaders in kashmir
जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाओं को बढ़ावा देने के लिए सीमापार से फडिंग की जाती है।अलगाववादी नेताओं के चेहरे बेनकाब होने के बाद एनआईए ने अब हुर्रियत नेताओं के खिलाफ जांच शुरू जांच कर दी है।

नई दिल्ली.भारत की ओर से लंबे समय से यह बात कही जाती रही है कि जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाओं को बढ़ावा देने के लिए सीमापार से फडिंग की जाती है। अब इस मामले में एक निजी भारतीय टेलीविजन चैनल के स्टिंग ऑपरेशन के बाद यह दावा और मजबूत साबित हो गया है। अलगाववादी नेताओं के चेहरे बेनकाब होने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अब हुर्रियत नेताओं के खिलाफ जांच शुरू जांच कर दी है। शुक्रवार को एनआईए की टीम कश्मीर पहुंची, जहां वह इस दावे पर जांच-पड़ताल कर रही है। बता दें कि इस मामले में एनआईए ने एक प्राथमिकी भी दर्ज कर ली है।

हाफिज से जुड़े है अलगाववादी नेताओं के तार
कश्मीर में सक्रिय अलगाववादी नेताओं के तार पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी नेताओं से जुड़े है। इन अलगाववादी नेताआें को सीमापार से पैसा सहित अन्य जरुरी सामान मिलते रहते है। इस सिलसिले में एनआई ने सैयद अली शाह गिलानी, नईम खान सहित कई अन्य हुर्रियत नेताओं की पड़ताल शुरू कर दी है।

ऑन स्क्रीन कबुला था पैसे लेने की बात
सि्ंटग ऑपरेशन में अलगाववादी नेता और गिलानी धड़े के प्रांतीय अध्यक्ष नईम खान को कैमरे पर यह कहते हुए रिकॉड किया गया था कि पत्थरबाजों के लिए पैसा पाकिस्तान से मिलता है। नईम खान कैमरे पर ये कहते हुए कैद हुआ कि ’पाकिस्तान पिछले 6 साल से कश्मीर में बड़ा प्रदर्शन खड़ा करने के लिए हाथ-पैर मार रहा है।’

सैकड़ो करोड़ देता है पाकिस्तान
घाटी में अशांति फैलाने के लिए पाकिस्तान अलगाववादी नेताओं को सैकड़ों करोड़ देती है। नईम खान ने कहा था कि पाकिस्तान से आने वाला पैसा सैकड़ों करोड़ से ज्यादा है, लेकिन हम और ज्यादा की उम्मीद करते हैं।

पत्रकारों से की बदसलूकी
पाकिस्तान से पैसा पाने की बात सामने आने के बाद अलगाववादी नेताओं की नाराजगी साफ जाहिर हो रही है। हुर्रियत की हकीकत को उजागर करने वाली खबर पर प्रतिक्रिया लेने पहुंचें पत्रकारां से जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख यासीन मलिक ने बदसुलूकी भी की।

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