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सीनेट चुनाव के रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी के आरोप पर एबीवीपी का हंगामा, पुलिस से भी अभद्रता

Updated: IST davv abvp activist
रजिस्ट्रार पर लगाए दलाली के आरोप, कुलपति के सामने झुक गए प्रदर्शनकारी

इंदौर. तीन दशक बाद यूनिवर्सिटी कोर्ट (सीनेट) के चुनावों की हलचल ने छात्रनेताओं को एक नया मुददा दे दिया है। शुक्रवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए यूनिवर्सिटी में खूब हंगामा किया। छात्रनेताओं ने रजिस्ट्रार से बदतमीजी करते हुए उन्हें दलाल तक कह दिया। दोपहर बाद ये ही छात्रनेता कुलपति से मिले तो हाथ जोड़कर विधिक राय लेने की बात पर मान गए।

18 जुलाई को होने जा रहे चुनाव के लिए यूनिवर्सिटी में सिर्फ 76 ही नए सदस्य जुड़ पाए है। यूनिवर्सिटी ने वेबसाइट पर सदस्यता की अधिसूचना जारी की थी। मगर इसकी जानकारी नहीं मिलने पर एबीवीपी से ही जुड़े कई छात्रनेता आवेदन नहीं कर पाए। वे दोबारा से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को एबीवीपी के रोहिन राय बड़ी संख्या में छात्र नेताओं के साथ रजिस्ट्रार कार्यालय में पहुंचे। शुरुआती चर्चा में ही रोहिन रजिस्ट्रार को तू और तुम कहकर बात करने लगा। इस अंदाज को देखकर मौजूद अन्य अधिकारी भी चौंक गए।

एबीवीपी ने सीनेट के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की तो रजिस्ट्रार ने नियमों का हवाला देकर हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद बाकी एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने भी बदतमीजी शुरू कर दी। उन्होंने रजिस्ट्रार पर छात्रहितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए दलाल बताया और कहा कि आप कुर्सी पर बैठकर सिर्फ पैसे कमाने की सोचते हो। अभी जिन लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराए है उनसे कितने में डील हुई? रजिस्ट्रार ने एबीवीपी के सभी आरोपों को नकार दिया। इसके बाद कार्यकर्ता विधिक राय लेने की बात पर अड़ गए।


कुलपति ने दोहराई रजिस्ट्रार की बात

दोपहर करीब साढ़े तीन बजे कुलपति प्रो.नरेंद्र धाकड़ यूनिवर्सिटी पहुंचे। तीन घंटे से हंगामा कर रहे छात्रनेता कुलपति के सामने बिलकुल सभ्य बन गए। कुलपति से सीनेट की प्रक्रिया से संबंध में विधिक राय लेने की बात कही जिस पर कुलपति ने तुरंत हामी भर दी। तीन घंटे तक चले हंगामे में रजिस्ट्रार भी विधिक राय लेने पर सहमति जता चुके थे।

तोड़-फोड़ कर देंगे छात्र - संगठन मंत्री

एबीवीपी के संगठन मंत्री राहुल पांचाल, नगर मंत्री नयन दुबे, सन्नी सोनी ने भी अधिकारियों से अभद्रता की। संगठन मंत्री पांचाल ने रजिस्ट्रार को धमकी दी कि हमारे साथ जो छात्र आए है वे किसी की नहीं सुनते। अगर उनका दिमाग फिरा तो ये यूनिवर्सिटी में तोड़-फोड़ कर देंगे। हंगामे के दौरान कई कार्यकर्ता सोफे और टेबल पर चढ़ गए जिन्हें काबू करने में कर्मचारियों को खासी मशक्कत करना पड़ी।

दम हो तो 10 मिनट से ज्यादा अंदर रखकर दिखाओ

हंगामा कर रहे कार्यकताओं ने यूनिवर्सिटी का मेनगैट भी बंद कर दिया। इससे काम से आए विद्यार्थियों को भारी परेशानी उठाना पड़ी। पुलिस ने गैट खुलवाने की कोशिश की तो छुटभैये कार्यकर्ता उनसे ही भिड़ गए। पुलिसकर्मी जब हंगामा करने वालों का विडियो बना रहे थे तो कार्यकर्ता पोज देते रहे। उन्होंने पुलिसकर्मियों को उंगली दिखाते हुए कहा कि अगर दम है तो दस मिनट से ज्यादा अंदर रखकर दिखा देना।

सीनेट के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने गुपचुप तरीके से निपटा दी। कई ग्रेजुएट्स को इसकी जानकारी ही नहीं मिल पाई। हम इसे कोर्ट में चुनौती देंगे।

- रोहिन राय, एबीवीपी

पूरी प्रक्रिया नियम से ही की गई है। यूनिवर्सिटी वेबसाइट पर सभी जानकारी और नियम उपलब्ध है। चुनाव की तारीख तय होने के बाद प्रक्रिया नहीं बदली जा सकती। छात्रों की मांग पर हम विधिक राय ले रहे हैं।

- वीके सिंह, रजिस्ट्रार

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