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एयरपोर्ट पर कराया 6 घंटे इंतजार, जेट एयरवेज पर 12 हजार का जुर्माना

Updated: IST jet airways
इंदौर के डॉक्टर को मुंबई में होना पड़ा था परेशान, उपभोक्ता फोरम ने माना कंपनी ने की सेवा में कमी।

इंदौर। जिला उपभोक्ता फोरम ने गुरुवार को एक फैसला सुनाया जिसमें जेट एयरवेज की गलती पाई गई। ग्राहक को लापरवाही के चलते 6 घंटों तक कंपनी ने इंतजार कराया था। उपभोक्ता फोरम ने ग्राहक द्वारा पेश किए गए सबूतों के आधार पर यह फैसला सुनाया है। फैसले में जेट एयरवेज पर 12 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। 6 साल पुराने इस प्रकरण में ग्राहक को अब जीत हासिल हुई है।

एडवोकेट कृष्णकुमार कुन्हारे ने बताया, ओल्ड पलासिया में रहने वाले डॉ. लेखराज यादव ने जेट एयरवेज कंपनी के विमान से 26 सितंबर 2010 को इंदौर से मुंबई जाने के लिए एवं 27 सितंबर 2010 को मुंबई से इंदौर आने वाली फ्लाइट में टिकिट बुक किए थे। 26 सितंबर को डॉ.यादव निर्धारित समय पर मुंबई पहुंच गए थे। 27 सितंबर को शाम 6.30 बजे उनकी मुंबई से रिटर्न फ्लाइट थी। जिस जरूरी काम से वे मुंबई गए थे वह 26 को ही खत्म हो जाने पर उन्होंने जेट एयरवेज कंपनी के जिम्मेदारों से गुजारिश की थी कि यदि 27 को शाम की फ्लाइट के बजाए उन्हें दिन की फ्लाइट में टिकिट मिल जाए तो सौहलिय होगी। उनकी इस गुजारिश को स्वीकारते हुए कंपनी ने उन्हें दोपहर 12.30 बजे की फ्लाइट में टिकिट दिया। इसके एवज में कंपनी ने उनसे 750 रुपए अतिरिक्त भी लिए।

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धूप में करना पड़ा इंतजार, बिगड़ गई थी तबियत

दोपहर की फ्लाइट के लिए वे 11.30 बजे एयरपोर्ट भी पहुंच गए और उन्हें बकायदा बोर्डिंग पास भी इशू कर दिया गया। उन्हें सीट नंबर 17 बी दी गई थी। सुरक्षा जांच के बाद जब वे फ्लाइट में चढऩे लगे तो उन्हें बताया गया आपको सीट नहीं मिल सकती है और आपको शाम को ही जाना होगा। मजबूरी में उन्हें करीब 6 घंटे तक एयरपोर्ट पर बिताना पड़े। एडवोकेट काशू महंत ने बताया इस दौरान उन्हें ऐसी जगह बैठाया गया जहां तेज धूप थी, इससे उनका ब्लड प्रेशर भी बड़ गया और उनके शरीर पर काले चकते भी आ गए।

9 प्रतिशत की दर से लगेगा जुर्माने पर ब्याज

शाम की फ्लाइट से यहां आने के बाद उन्होंने उपभोक्ता फोरम में केस दर्ज कराया था। फोरम में यादव द्वारा पेश किए गए सबूतों के आधार पर कंपनी द्वारा सेवा में कमी पाते हुए कुल 12 हजार रुपए का जुर्माना 2 महीने में देने के आदेश किए हैं। यदि कंपनी दो महीने में पैसा नहीं देगी तो उसे 9 प्रतिशत की दर से ब्याज भी देना होगा।

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