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अब जीआईएस करेगी कॉलेजों की निगरानी

Updated: IST college
विभाग को शिकायतें मिली कि कई संस्थाएं एक भी परिसर में एक से ज्यादा नाम से कॉलेज चला रही है।

इंदौर. प्रदेशभर में चल रहे कॉलेज अब जमीन और भवन में फर्जीवाड़ा नहीं कर सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने हर कॉलेज की जीआईएस आधारित पोर्टल से निगरानी की तैयारी की है। नए सत्र के लिए कॉलेजों को शुक्रवार तक एप के जरिए भवन की फोटो अपडेट करना है।
विभाग को शिकायतें मिली कि कई संस्थाएं एक भी परिसर में एक से ज्यादा नाम से कॉलेज चला रही है। हर कॉलेज की संबद्धता के लिए यूनिवर्सिटी की अलग टीम जाती है, इसलिए कॉलेजों का फर्जीवाड़ा पकड़ नहीं आ पाता। सिर्फ नाम के लिए दूसरा कॉलेज अन्य जगह पर संचालित होना बता दिया जाता है। ऐसी शिकायतों पर लगाम कसने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने आगामी सत्र से जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) से निगरानी की तैयारी की है। इसमें एप के माध्यम से हर कॉलेज के लैटिट्यूड और लॉगिंट्यूड की जानकारी अपलोड कराई जा रही है। जानकारी अपलोड होने के बाद नक्शे और पते का क्रॉस वेरिफिकेशन आसानी से हो जाएगा और गड़बड़ी आसानी से पकड़ में आ जाएगी।
निर्माण क्षेत्र भी होगा कैल्कुलेट
नए कॉलेजों में कई कॉलेज निर्धारित क्षेत्रफल से कम जगह पर संचालित हो रहे हैं, जबकि कुछ कॉलेज कई साल से किराए के भवनों में ही चल रहे हैं। इसके एक हिस्से में दुकानें या अन्य संस्थान रहते हैं। जीआईएस के जरिए कॉलेज के निर्माण क्षेत्र की भी जानकारी हासिल की जा सकती है।

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