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अब कोचिंग इंस्टिट्यूट की फीस के मापदंड तय करेगी सरकार

Updated: IST fees criteria for the coaching institute
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने शुरू की कवायदस्कूली शिक्षा मंत्री विजय शाह ने कोचिंग इंस्टिट्यूट संचालकों से की चर्चा

इंदौर. दो साल में भी निजी स्कूलों की फीस पर लगाम लगाने में नाकाम सरकार अब कोचिंग इंस्टिट्यूट के लिए नियम कायदे की कवायद कर रही है। सोमवार को स्कूली शिक्षा मंत्री ने शहर की कोचिंग इंस्टिट्यूट के संचालकों को चर्चा के लिए बुलाया। संस्थाओं ने कहा, नियम बने अच्छी बात है, लेकिन हमारी समस्याओं पर भी ध्यान देना होगा।

कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बैठक में शहर के 50 से अधिक कोचिंग इंस्टिट्यूट संचालकों को बुलाया था। इसमें करीब 25 कोचिंग के प्रतिनिधि बैठक में आए। बैठक की शुरुआत मंे मंत्री विजय शाह ने बताया, सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने पत्र लिखकर कोचिंग इंस्टिट्यूट्स के लिए नियम-कानून बनाने के निर्देश दिए हैं। अभी प्रदेश में सभी कोचिंग संस्थान प्रोफेशनल्स इंस्टिट्यूट की तरह चल रहे हैं। फीस संचालक ही तय करते हैं, छात्र संख्या व फैकल्टी आदि के लिए कोई नियम नहीं है। बैठक में वरिष्ठ कोचिंग संचालक और शिक्षाविद दीपक खरे को विभिन्न संस्था संचालकों से चर्चा कर सुझाव तैयार करने के लिए अधिकृत किया गया।

दो लाख में क्या देते हो

चर्चा के दौरान मंत्री ने एक कोचिंग इंस्टिट्यूट संचालक से फीस पूछी तो उन्होंने कहा, दो वर्ष के लिए करीब 2 लाख रुपए लेते हैं। मंत्री ने पूछा, इसमें सुविधाएं क्या दी जाती है? संचालक ने बताया, कक्षाएं लगती हैं, नोट्स दिए जाते हैं, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, लाइब्रेरी व स्टडी हॉल आदि की सुविधाएं देते हैं। इस पर मंत्री ने कहा, इतनी फीस में तो होस्टल सुविधाएं भी होना चाहिए।

कोचिंग का होगा रजिस्ट्रेशन

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार प्रदेश में कोचिंग इंस्टिट्यूट्स का रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। फीस, इंफ्रास्ट्रक्चर, सुविधाओं और गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाना चाहिए। वर्तमान मंे कोचिंग क्लासेस की फीस ब्रांड और आकार के अनुसार तय होती है। संचालकों का कहना था, फीस फॉर्मूले से तय करने में मुश्किल आएगी। मंत्री शाह ने कहा, इसके लिए आप सुझाव दें, पालकों के साथ भी चर्चा करेंगे। उन्होंने बताया, कई कोचिंग स्कूल भी चला रही हैं, यदि ऐसा पाया गया तो मान्यता समाप्त की जाएगी। बैठक में प्रभारी कलेक्टर शमीमुद्दीन, स्कूल शिक्षा विभाग अपर संचालक शिल्पा गुप्ता भी मौजूद थीं।

मानसून सत्र में लाएंगे बिल

मंत्री विजय शाह ने बताया, सरकार निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए अधिनियम का प्रारूप तैयार किया है, जिसे मानसून सत्र में विधानसभा मंे पेश किया जाएगा। जहां से स्वीकृति मिलने के बाद इसे लागू करने की कवायद की जाएगी।

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