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गजब शर्त : चौथी कक्षा के बच्चे करेंगे सर्टिफाइड तभी मिलेगा इंदौर को ओडीएफ सर्टिफिकेशन

Updated: IST students
पांच महीने पहले इंदौर को घोषित किया जा चुका है ओडीएफ

इंदौर. देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) का सर्टिफिकेशन लेना बाकी है। 5 महीने पहले खुले में शौच मुक्त घोषित हो चुके इंदौर को यह प्रमाणीकरण तब तक नहीं मिलेगा, जब तक शहरी क्षेत्र के सरकारी व निजी स्कूलों के चौथी से छोटी कक्षाओं में पढऩे वाले सभी बच्चों का लिखित प्रमाण-पत्र नहीं देंगे।
इससे चिंतित निगम कमिश्नर मनीष सिंह ने डीईओ सुधीर कौशल को पत्र लिखकर स्कूली बच्चों के प्रमाण-पत्र दिलाए जाने की मांग रखी हैं। दरअसल, जब तक इन बच्चों का प्रमाण-पत्र नहीं मिलेगा, तब तक इंदौर को केंद्र सरकार का प्रमाणीकरण नहीं मिलेगा। कमिश्नर सिंह ने कहा है, स्वच्छ भारत मिशन के तहत इंदौर को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। अब इसे खुले में शौच मुक्त बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार का प्रमाणीकरण जरूरी है। इसमें शहरी क्षेत्र में आने निजी व सरकारी स्कूलों में चौथी से छोटी कक्षाओं में पढऩे वाले सभी बच्चों का प्रमाण-पत्र अनिवार्य है। इसमें उनके शिक्षकों के हस्ताक्षर भी जरूरी हैं।

छह माह वैधता
खुले में शौच मुक्त का सर्टिफिकेट छह महीने के लिए दिया जाता है। छह महीने बाद यह अपने आप खत्म हो जाता है। इसके बाद नए सिरे से फिर से ओडीएफ के लिए प्रक्रिया शुरू होती है, जांच पड़ताल के बाद इसकी घोषणा की जाती है। उन्होंने डीईओ से आग्रह किया है, इंदौर को स्वच्छता में देश में नंबर वन बनाए रखने में अपना योगदान दें।

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