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सिर में घुसा 15 सेंमीटर तक बांस का टुकड़ा, डॉक्टर्स की टीम निकाला 

Updated: IST live photo of deadly operation of neurosurgery
सिटी स्कैन करने के बाद डॉक्टर्स को पता चला कि बांस का टुकड़ा बहुत गहराई तक घुस चुका है। इसके बाद तीन डॉक्टरों की टीम ने हीरालाल का ऑपरेशन शुरू किया।

इंदौर। मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट नहीं पहनना एक युवक के लिए बेहद घातक रहा। रोड पर बाइक स्लिप होने के बाद उसके सिर में 15 सेंटीमीटर तक बांस का नुकीला टुकड़ा घुस गया। जिसे एमवाय के डॉक्टरों की जटिल टीम के द्वारा बाहर निकाला गया। बांस मरीज के सिर में इतनी गहराई तक घुसा हुआ था कि ऑपरेशन में मरीज की जान को खतरा था।

मंगलवार दोपहर को एमवाय अस्पताल की कैजुवेल्टी में रोड एक्सिडेंट के एक केस ने डॉक्टरों को हैरत में डाल दिया। 25 वर्षीय हीरालाल के सिर में बांस का एक टुकड़ा गहराई तक घुस गया था। ट्रामा सेंटर ने यह जानकारी अस्पताल के न्यूरो डिपार्टमेंट को दी । यह चौंकाने वाली जानकारी सुनते ही डॉक्टर परेश सौंधिया (न्यूरो सर्जन) ने मरीज का सिटी स्कैन करने के लिए कहा। सिटी स्कैन करने के बाद डॉक्टर्स को पता चला कि बांस का टुकड़ा बहुत गहराई तक घुस चुका है।

live photo of deadly operation of neurosurgery

इसके बाद तीन डॉक्टरों की टीम ने हीरालाल का ऑपरेशन शुरू किया। न्यूरो सर्जन डॉ जफर शेख बताते हैं कि बांस का टुकड़ा दिमाग में खून सप्लाय करने वाली नस के बेहद करीब तक जा धंसा था। उसे निकालने में काफी खतरा था। जरा सी चूक से मरीज की जान जा सकती थी। बेहद सावधानी से मरीज का ऑपरेशन किया गया।

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डॉ परेश सौंधिया बताते हैं कि ऑपरेशन के समय सभी डॉक्टर्स एक टीम की तरह काम करते हुए यह ध्यान रख रहे थे कि बांस को बेहद आराम से निकाला जाए। चूंकि बांस की खिपची बेहद अंदर तक घुसी हुई थी इसलिए डर था कि जरा सी चूक में मरीज की जान जा सकती थी। यह ऑपरेशन हमारे सामने चुनौती के समान था। इसलिए हम सचेत थे और शुक्र की बात यह है कि बांस को आराम से बाहर निकाल दिया गया। लेकिन बांस के टुकड़े ने मरीज के दिमाग के एक हिस्से को काफी चोट पहुंचाई है। जिससे उसके शरीर का एक हिस्सा लकवा ग्रस्त हो गया है। मरीज को अभी वैंटीलेटर पर रखा गया है।

live photo of deadly operation of neurosurgery

हेलमेट जीवन रक्षक-
न्यूरोसर्जन्स का कहना है कि यदि हीरालाल हेलमेट पहना होता तो सिर की इतनी गंभीर चोट से बच सकता था। हम हेलमेट को एक बोझ समझते हैं लेकिन हेलमेट हमें आकस्मिक दुर्घटनाओं से बचाते हैं। हर माह हमारे पास ऐसे कई केस आते हैं जिसमें लगता है यदि पेशेंट ने हेलमेट पहना होता तो वह इतनी बड़ी न्यूरो सर्जरी से बच जाता।

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