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नाबालिग लड़की ने कलेक्टर को लिखा पत्र, कहा- मुझे पढऩा है, मेरी शादी रूकवा दो प्लीज 

Updated: IST stop child marriage
बाल विवाह कानूनन अपराध है, जिसको लेकर सरकार खासी सख्त है। इसके बावजूद ऐसी शादियां रुक नहीं रही हैं। ऐसी ही एक बेटी ने कलेक्टर से गुहार लगाई है।

इंदौर। सर मैं 16 साल की हूं, माता-पिता ने मेरी शादी तय कर दी है लेकिन मैं अभी पढऩा चाहती हूं। प्लीज मेरा भविष्य बचा लीजिए, मेरी शादी रूकवा दीजिए। पत्र के माध्यम से कलेक्टर को ये बात लिखकर इंदौर शहर की एक युवती ने मदद की गुहार लगाई है।

शिवाजी नगर में रहने वाली 16 वर्षीय ने कलेक्टर पी. नरहरि को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है। उसने बताया कि मैंने ये पत्र आपको इसलिए लिखा है कि मेरी उम्र अभी 16 साल ही है और माता-पिता ने अक्षय तृतीया पर महाराष्ट्र निवासी अजय डोके से मेरी शादी तय कर दी है। मेरी आपसे विनती है कि जल्द से जल्दी इस शादी को रुकवाएं। मेरे उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए यह फैसला किया जाए। किशोरी ने शासकीय अहिल्या कन्या माध्यमिक विद्यालय का 8वीं का रिजल्ट सौंपा, जिसमें जन्म दिनांक 19 सितंबर 2002 दर्ज है। मामले को महिला बाल विकास विभाग को सौंपा है ताकि जांच कर शिकायत की सच्चाई का पता लगाया जा सके।

अक्षय तृतीया पर प्रशासन की अग्नि परीक्षा
हिंदू मान्यताओं में अक्षय तृतीया (आखातीज) को ब्रह्म मुहूर्त माना गया है, जिसमें बिना मुहूर्त के भी विवाह कर सकते हैं। अधिकतर समाज के सामूहिक विवाह इसी दिन होते हैं। प्रशासन के लिए यह दिन अग्नि परीक्षा का रहता है, क्योंकि इस हल्ले में नाबालिगों की भी शादी हो जाती है। इसके लिए प्रशासन की टीम ने महिला बाल विकास विभाग को मुस्तैद भी कर दिया है। हाल ही में एक नाबालिग लड़की का विवाह रुकवाया गया। ऐसे कई मामलों में ये देखने में आया है कि लड़कियां भी कम उम्र में शादी नहीं करना चाहती हैं।

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