Patrika Hindi News

वर्ल्ड म्यूजियम डे: पुरातत्व के प्रति भी बदले लोगों की सोच

Updated: IST world museum day
बच्चों को म्यूजियम में ज्यादा तादाद में लाया जाए ताकि वे बचपन से इसके प्रति जागरूक हो सकें।

इंदौर. वर्ल्ड म्यूजियम डे के मौके पर केंद्रीय संग्रहालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में इतिहासकार, मुद्रा विशेषज्ञ, कलाकार और इतिहास के प्रोफेसर्स ने कहा कि संग्रहालय में ज्यादा तादाद में लोगों को आना चाहिए ताकि उन्हें मालूम पड़े कि हमारा इतिहास क्या था। कार्यक्रम में बतौर वक्ता चित्रकार-फोटोग्राफर, भालू मोंढे, इतिहासकार राजेंद्र सिंह, इतिहास के प्रोफेसर जेसी उपाध्याय, एसडी मालवीय, मुद्रा शास्त्री गिरीश शर्मा मौजूद थे।
भालू मोंढे और अन्य वक्ताओं ने दुख जताते हुए कहा कि संग्रहालय के पड़ोस में ही चिडि़याघर में सैकड़ों लोग रोज आते हैं, लेकिन म्यूजियम में नहीं आते जबकि यहां देखने योग्य और इतिहास की दृष्टि से कई महत्वपूर्ण चीजें हैं। बच्चों को म्यूजियम में ज्यादा तादाद में लाया जाए ताकि वे बचपन से इसके प्रति जागरूक हो सकें। एसडी मालवीय ने कहा कि शहर के अधिकांश लोगों को ये पता नहीं है कि सत्तर के दशक में आजाद नगर में हुए उत्खनन से ईसा पूर्व डेढ़ हजार बरस पुरानी वस्तुएं मिली थीं। इससे पता चलता है कि यहां कितनी पुरानी सभ्यता मौजूद थी।

समृद्ध है संग्रहालय
राजेंद्र सिंह ने कहा कि इंदौर का संग्रहालय काफी समृद्ध है। यहां जैसी मूर्तियां और अन्य वस्तुएं भोपाल और ग्वालियर के संग्रहालयों में भी नहीं है।
नई वीथिकाएं होंगी तैयार
संग्रहालय के क्यूरेटर प्रकाश परांजपे ने बताया कि शासन से म्यूजियम के रिनोवेशन के लिए दो करोड़ की राशि मिली है, जिससे काम शुरू हो चुका है। नई वीथिकाएं बन रही हैं। एक साल बाद परिसर में खुले में रखी करीब सभी मूर्तियां वीथिकाओं में शिफ्ट कर दी जाएंगी। कार्यक्रम में जनक पलटा, दाऊलाल जौहरी और हिमांशु दूधवड़कर मौजूद थे।

यह भी पढ़े :
अपने विवाह के सपने को भारत मैट्रीमोनी पर साकार करे।- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
LIVE CRICKET SCORE
Patrika.com

लेटेस्ट ख़बरें ई-मेल पर पाने के लिए सब्सक्राइब करें

Dus ka Dum
Ad Block is Banned Click here to refresh the page

???? ??????? ?? ??? ???? ????? ???