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रेल विकास प्राधिकरण के गठन को कैबिनेट की मंजूरी

Updated: IST Indian Railway
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस प्राधिकरण में एक अध्यक्ष एवं तीन सदस्य होंगे

नई दिल्ली। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने रेलवे के परिचालन की नीति में पहली बार ऐतिहासिक परिवर्तन करते हुए रेल विकास प्राधिकरण के गठन को बुधवार को स्वीकृति दे दी जो यात्री किराया-मालभाड़ा तथा रेलवे की दक्षता एवं प्रदर्शन के मानक तय करने के साथ साथ निवेशकों को निष्पक्ष एवं न्यायसंगत अवसर प्रदान करने एवं प्रचार प्रसार का काम करेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस प्राधिकरण में एक अध्यक्ष एवं तीन सदस्य होंगे। संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों को इसमें जगह दी जा सकेगी। अध्यक्ष एवं सदस्यों का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा। सूत्रों ने बताया कि प्राधिकरण की आरंभिक पूंजी 50 करोड़ रुपए होगी तथा यह रेल अधिनियम 1989 के दायरे में काम करेगा। प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र के बारे में सूत्रों ने

बताया कि यह गाडिय़ों के यात्री किराए एवं मालभाड़े का निर्धारण करेगा।

रेलवे के दक्षता एवं प्रदर्शन के मानक तय करेगा। रेलवे में निवेश करने वालों के लिए निष्पक्ष एवं न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित करेगा तथा सूचनाओं के प्रचार प्रसार का काम करेगा। भारतीय रेलवे का परिचालन लागत अनुपात पिछले कुछ वर्षों से आय के मुकाबले बढ़ता जा रहा है। इसे संतुलित करने के लिए रेलवे ने अनेक उपाय किए हैं। रेलवे के ढांचागत सुधारों पर विबेक देबराय कमेटी ने विभागीय सांगठनिक पुनर्गठन की सिफारिश की थी। उसी के तहत इस प्राधिकरण का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसी संदर्भ में अंतरिम रेल बजट 2014-15 के तहत इसके गठन की घोषणा की गई थी।

टिकट कंफर्म नहीं हुआ तो घबराए नहीं रेलवे दूसरी ट्रेन में देगी जगह

इटारसी. 1 अप्रैल से यात्रियों के लिए एक और सुविधा शुरू हो जाएगी। यह सुविधा उन यात्रियों को मिलेगी जो अपनी यात्रा के लिए ई-टिकट बुक करते हैं। इस सुविधा का लाभ यात्रियों को विकल्प योजना के तहत मिलेगा।

क्या है विकल्प योजना

कैशलेस टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए आईआरसीटीसी ने इस सुविधा का लाभ देने की पहल की है। इस सुविधा का लाभ केवल उन्हीं यात्रियों को मिलेगा जो ट्रेनों में अपनी यात्रा के लिए टिकट आईआरसीटीसी के माध्यम से बुक कराते हैं। रेलवे के काउंटरों से जो टिकट बुक होंगे उन पर यह सुविधा अभी नहीं मिलेगी। इस योजना को इस प्रकार समझा जा सकता है कि जैसे यदि किसी यात्री ने इटारसी से मुंबई का ई टिकट बुक कराया है और उसकी वेटिंग करीब 170 है तो वह इस सुविधा के तहत किसी अन्य ट्रेन को विकल्प के रूप में चुन सकता है जिसमें उसे कन्फर्म बर्थ मिल रही हो।

यात्रियों की झंझट होगी खत्म

इस योजना के लागू होने से यात्रियों की वेटिंग टिकट पर आरक्षित कोचों में धक्के खाने की झंझट खत्म होगी। यात्रियों को एक लाभ यह भी होगा कि वेटिंग का टिकट कैंसिल कराने पर उसे 60 रुपए का नुकसान भी नहीं झेलना होगा। दरअसल जब यात्री ई टिकट बुक कराएगा उसी समय उसे विकल्प योजना का लाभ लेना है या नहीं, इसकी जानकारी देना होगी। यदि यात्री विकल्प योजना के ऑप्शन पर सहमति देता है तो उसकी वेटिंग टिकट को वेटिंग क्लीअर नहीं होने पर किसी अन्य टे्रन में कन्फर्म बर्थ के साथ ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

सुविधा होगी

आईआरसीटीसी की तरफ से इस योजना की जानकारी तो आ गई है। उम्मीद है कि 1 अप्रैल से सॉफ्टवेअर पर वह ऑप्शन यात्रियों के लिए मिलने लगेगा। इस योजना से यात्रियों को वेटिंग टिकट पर यात्रा करने की झंझट से मुक्ति मिलेगी। मोहम्मद सईद, संचालक एलिट टूर एंड ट्रेवल्सरेलवे के दक्षता एवं प्रदर्शन के मानक तय करेगा। रेलवे में निवेश करने वालों के लिए निष्पक्ष एवं न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित करेगा तथा सूचनाओं के प्रचार प्रसार का काम करेगा।

भारतीय रेलवे का परिचालन लागत अनुपात पिछले कुछ वर्षों से आय के मुकाबले बढ़ता जा रहा है। इसे संतुलित करने के लिए रेलवे ने अनेक उपाय किए हैं। रेलवे के ढांचागत सुधारों पर विबेक देबराय कमेटी ने विभागीय सांगठनिक पुनर्गठन की सिफारिश की थी। उसी के तहत इस प्राधिकरण का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसी संदर्भ में अंतरिम रेल बजट 2014-15 के तहत इसके गठन की घोषणा की गई थी।

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