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WORLD AIDS DAY: सही जानकारी, पूरी समझदारी से हार गई बीमारी

Updated: IST World aids day
समाज में गहरी पैठ बना चुके एचआईवी/एड्स को अवेयरनेस से मात मिलने लगी है।

जबलपुर।शहर में पिछले कुछ सालों की तुलना में एड्स के चपेट में आने वालों की संख्या कम हुई है। यह अवेयरनेस से संभव हो पाया है। राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी और एनजीओ के प्रयास रंग ला रहे हैं। पिछले वर्षों की तुलना में 2016 में एचआईवी एड्स की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या कम हुई है। थोड़ी सी जानकारी इस बीमारी को कम करने में मदद कर रही है। इसे कम करने के लिए शहर की संस्थाओं ने भी निरंतर प्रयास किया। विश्व एड्स दिवस के मौके पर गुरुवार को शहर की संस्थाओं और संगठनों की आेर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

दोनों हाथ ऊपर उठाएं
इस बार की थीम है एचआईवी नियंत्रण को दोनों हाथ ऊपर उठाएं। यानी पूरी तरह समर्पित होना। असुरक्षित यौन सम्बंध, नशे का इंजेक्शन, रक्त के आदान-प्रदान और माता के जरिए संतान में होने वाले संक्रमण को रोकने के लिए हर संभव प्रयास हो रहा है। इसके साथ ही सामाजिक भेदभाव को कम करके संक्रमित लोगों को सभी के प्यार के लिए माहौल बनाना है।

600 से अधिक सेक्स वर्कर
एक एनजीओ के अनुसार शहर में 600 से अधिक रजिस्टर्ड सेक्स वर्कर हैं। इनमें इतनी जागरूकता आई है कि खुद की सुरक्षा के उपाय कर रही हैं। संगठनों द्वारा सेक्स वर्करों को सुरक्षा के उपाय अपनाने को प्रेरित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में नए संक्रमण की आशंका कम हो। एआरटी सेंटर, मेडिकल कॉलेज के डॉ. राहुल पटेल के अनुसार जबलपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, सतना, दमोह, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, मंडला, डिंडोरी, सिवनी के मरीज एआरटी सेंटर जबलपुर आते हैं। फिलहाल दो पॉजिटिव मरीज रजिस्टर्ड हैं। पहले प्रतिमाह औसतन 50 मरीज थे, जो लगातार कम हो रहे हैं।

एआरटी सेंटर मेडिकल कॉलेज की स्थिति
वर्ष पॉजिटिव
2014 608
2015 589
2016 433
(एआरटी- एंटी रेटरोवायरल थैरेपी सेंटर)

आईसीटीसी सेंटर मेडिकल कॉलेज
वर्ष मरीज
2014 194
2015 292
2016 125
(आईसीटीसी- इंटीग्रेटेड काउंसिलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर)

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