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हो जाएं सावधान! अनफिट चालक हवा में उड़ा रहे स्कूली बस 

Updated: IST school bus
जोखिम में बच्चों की जान, हर छह महीने में नेत्र परीक्षण अनिवार्य

जबलपुर. छात्रों की जान के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। क्योंकि, स्कूली बसों की स्टेयरिंग शारीरिक रूप से अनफिट चालकों के हाथ में है। अधिकतर बस चालकों का कई साल से नेत्र और अन्य स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराया गया। शहर में रोजाना 25 हजार से अधिक स्कूली बच्चे बस, ऑटो व वैन में सफर करते हैं। इनमें से कई चालकों की उम्र 40 पार है। चिकित्सकों के अनुसार 40 की उम्र पूरी कर चुके हर व्यक्ति को आंखों का परीक्षण जरूरी होता है। स्कूली वाहन चलाने वालों के लिए तो नेत्र और स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य है। 'पत्रिकाÓ ने गुरुवार को स्कूली बस चालकों से स्वास्थ्य परीक्षण कराने सम्बंधी सवाल किए, तो उनके उत्तर चौंकाने वाले थे। किसी ने भी बीते पांच साल में न तो नेत्र परीक्षण कराया और न अन्य जांच कराई।
जिले में पंजीकृत स्कूली वाहन-504
बगैर पंजीकृत वाहन-50 बस व 1700 वैन व ऑटो
रोजाना वाहनों में सफर करने वाले स्कूली बच्चे-25 हजार
नेत्र परीक्षण इसलिए जरूरी
-अमूमन आंखों में तीन तरह के रोग होते हैं
-कलर ब्लाइंड और दूर या पास का न दिखना
-हार्ट, मिर्गी व दूसरी बीमारियों की जांच भी जरूरी
दो चालकों का भी नहीं हो रहा पालन
-सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार स्कूली बसों में कम से कम दो चालक होने चाहिए।
-चालक का कोई चालान नहीं होना चाहिए और न उसके खिलाफ किसी तरह का मामला दर्ज हो
-किसी भी स्कूल बस चालक को रखने से पहले उसका पुलिस सत्यापन जरूरी है
विशेष अभियान का भी असर नहीं
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर प्रदेश में एक से 15 जुलाई तक स्कूली वाहनों को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। इसमें पंजीकृत स्कूल वाहन और रोजाना चैकिंग की जानकारी प्रतिदिन आयुक्त कार्यालय भेजी गई है। अब तक की जांच में परिवहन विभाग के फ्लाइंग स्क्वॉड का जोर वैन पर रहा। स्कूल बसों में गाइडलाइन का पालन और चालक-परिचालकों के नेत्र और अन्य स्वास्थ्य परीक्षण सम्बंधी जांच नहीं की गई।

स्कूल वाहन वाले चालकों के स्वास्थ्य परीक्षण को लेकर आरटीओ से चर्चा कर संयुक्त शिविर आयोजित कराने का प्रयास करेंगे। स्कूल प्रबंधन व बस ऑपरेटरों को भी समय-समय पर नेत्र व स्वास्थ्य जांच कराने के निर्देश दिए जाएंगे।
संदीप मिश्रा, एएसपी ट्रैफिक

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में स्कूली वाहनों के चालक-परिचालकों के स्वास्थ्य परीक्षण का बिंदु शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
जितेंद्र सिंह रघुवंशी, आरटीओ

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