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शादियों में जलवा दिखा रही बिजली, हाइएस्ट पहुंची डिमांड

Updated: IST company to build electrical resistance
प्रदेश में इस वर्ष की सर्वोच्च बिजली की मांग, 10 हजार 816 मेगावाट की सफलतापूर्वक सप्लाई

जबलपुर। शादियों का सीजन पीक पर है। विवाह पंडाल, हॉल में आकर्षक रोशनी करने के लिए जम कर बिजली जलाई जा रही है। वहीं रबी की फसलों की सिंचाई भी जोरों पर है। ऐसे में सूबे की बिजली डिमांड बढ़ कर दस हजार मेगावाट के बहुत आगे निकल गई है। मध्यप्रदेश में बिजली की मांग सोमवार 28 नवम्बर को 10 हजार 816 मेगावाट के श‍िखर पर पहुंच गई।

15 दिनों से 10 हजार पार
प्रदेश में पिछले 15 दिनों से बिजली की मांग लगातार 10 हजार मेगावाट से अध‍िक दर्ज हो रही है। यहां महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि प्रदेश में जितनी भी बिजली की मांग दर्ज हो रही है, उसकी शतप्रतिशत सप्लाई भी सफलतापूर्वक की जा रही है। प्रदेश में 10 हजार 816 मेगावाट बिजली की मांग इस वर्ष में अभी तक की सर्वाध‍िक मांग है, जबकि पिछले वर्ष 25 दिसंबर को बिजली की मांग 10 हजार 841 मेगावाट दर्ज की गई थी। प्रदेश में सोमवार को 21 करोड़ 36 लाख 50 हजार यूनिट बिजली की गुणवत्तापूर्ण सप्लाई की गई।
24 घंटे बिजली सप्लाई
एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक संजय कुमार शुक्ल ने जानकारी दी कि प्रदेश में कृष‍ि कार्य में सिंचाई के कारण बिजली की मांग पिछले एक पखवाड़े से (15 नवम्बर से) 10 हजार मेगावाट के ऊपर तक पहुंच रही है। मध्यप्रदेश में वर्तमान में आम नागरिकों को जहां रोशनी के लिए 24 घंटे बिजली सप्लाई की जा रही है, वहीं किसानों को सिंचाई के लिए 10 घंटे सतत्, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली की आपूर्ति की जा रही है।

इंदौर रीजन में सर्वाधिक
वर्तमान में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (जबलपुर, रीवा व सागर) में बिजली की मांग 2 हजार 663 मेगावाट, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (भोपाल व ग्वालियर) में 3 हजार 408 मेगावाट और पश्चि‍म क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (इंदौर व उज्जैन) में 4 हजार 745 मेगावाट दर्ज की गई है। प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्र में कृष‍ि कार्य हेतु जो भी बढ़ी हुई बिजली मांग की आवश्यकता है, उसे प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपन‍ियां सजगता से पूर्ण कर रही हैं।

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